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नेपाली-अमेरिकी बच्चे की दर्दनाक मौत बनी पहेली

10/07/2019

ललित बंसल
लॉस-एंजेल्स, 10 जुलाई (हि.स.)। एक ढाई वर्षीय नेपाली-अमेरिकी बच्चे  सर्वेश की रहस्यमय परिस्थितियों में दर्दनाक मौत टेक्सास के डेटन पुलिस कर्मियों के लिए पहेली बनी हुई है। डेटन पुलिस कर्मी पिछले एक सप्ताह से शिशु की मौत से जुड़ी गुत्थियां को सुलझाने में लगे हैं, पर उन्हें अभी तक कोई सुराग नहीं मिल रहा है।
बच्चे की मां सुनिता गुरंग और पिता संजय गुरंग का रो-रो कर बुरा हाल है। मां सुनिता को इतना गहरा सदमा लगा था कि उसे अस्पताल में दाखिल भी कराना पड़ा। 
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, तीन जुलाई को सर्वेश एकाएक घर से लापता हो गया था और दो ब्लॉक छोड़ कर पार्किंग में अपने पिता की एसयूवी कार की तरह लगने वाली एसयूवी का दरवाज़ा खोलकर पिछली सीट पर बैठ गया था। इस कार के शीशे इस तरह के थे कि उस वाहन मालिक अथवा किसी अन्य व्यक्ति को बच्चे के वाहन के अंदर होने का आभास ही नहीं हुआ। बाद में इस बच्चे का शव इसी वाहन में मिला था। इस बच्चे के पिता नार्थ टेक्सास यूनिवर्सिटी में फेलो हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बच्चे की मां सुनिता को जब अपने बच्चे के लापता होने का अहसास हुआ, तो उन्होंने डेटन पुलिस से सम्पर्क किया। लेकिन वह बच्चे के संरक्षण संबंधी नियमों को लेकर प्रारंभ में स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाईं।
पुलिस ने नियमानुसार के-9 डॉग दल को शिशु की तलाश में लगा दिया और हेलीकॉप्टर से इर्द-गिर्द की बस्ती में तलाश शुरू कर दी। इस कार्य में 15 घंटे बीत गए।
बाद में बच्चे के बारे में जब विस्तार से पुलिस को बताया गया और पुलिस ने उस दृष्टि से छानबीन शुरू की तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चे के पार्थिव शरीर पर किसी तरह की चोट अथवा घाव के निशान नहीं हैं। पुलिस को लगता है कि उसकी मौत दम घुटने से हुई होगी। इस बारे में जांच पड़ताल की जा रही है।  पुलिस के अनुसार, इस बच्चे की तलाश करने में डेटन शहर के दो सौ लोगों ने भी बड़ी मेहनत की थी। 
अमेरिका में मौजूदा नियमों के अनुसार बच्चे की देखभाल और सुरक्षा की ज़िम्मेदारी उसके माता पिता की होती है और पुलिस को यह भनक भी लग जाए कि इस कार्य में माता अथवा पिता ने कोई क़ोताही बरती है, तो इसकी उन्हें बड़ी सज़ा भुगतनी पड़ती है। 
उल्लेखनीय है कि इस बच्चे के माता-पिता भी पुलिस को उसके लापता होने की जानकारी देने में आना-कानी करते रहे। जब पानी सिर से गुज़रने लगा, तो उन्होंने बताया कि यह बच्चा अपने पिता की कार का दरवाज़ा खोल लेता था और उसमें किसी तरह चढ़ जाता था। पुलिस को यह बात शुरू में ही बताई गई होती तो पहेली को सुलझाने में 15 घंटे का समय नहीं लगता।
पुलिस ने बच्चे के शव की जांच के लिए विषविज्ञान विभाग का सहयोग मांगा है। डेटन पुलिस चीफ़ जान डिक्सन ने एक बयान में कहा है रिपोर्ट चार से छह सप्ताह में आ सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार


 
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