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जेएनयू हिंसा मामले में दो और लोगों से पुलिस ने की पूछताछ

14/01/2020

अश्वनी शर्मा
नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। जेएनयू हिंसा मामले की जांच में जुटी क्राइम ब्रांच की स्पेशल इनवेस्टिगेटिव टीम (एसआईटी) ने मंगलवार को भी दो लोगों से पूछताछ की है। सोमवार को पुलिस ने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत तीन लोगों से पूछताछ की थी। जबकि मंगलवार को सुचेता ताल्लुकदार और प्रिय रंजन को बुलाया गया था। प्रिय रंजन माही मांडवी हॉस्टल में रहने वाला है, जबकि सुचेता एसएफआई की काउंसलर है। दोनों के अलावा पुलिस ने कुछ घायलों को भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है, क्योंकि उन्होंने अब तक अपना बयान नहीं दिया था।

वहीं मंगलवार को जिन दोनों से एसआईटी ने पूछताछ की, इन दोनो से भी तकरीबन वहीं सवाल किए, जो सोमवार को आइशी घोष, पंकज मिश्रा व वास्कर विजय से किए थे। पुलिस पूछताछ के बाद बाहर आईं सुचेता ताल्लुकदार ने बताया कि एसआईटी ने उनसे घटनाक्रम क्या था, उस वक्त उनकी उपस्थिति कहां थीं और वह अगर घटनास्थल पर थीं, तो वहां क्या कर रही थीं ? इसका मकसद क्या था, सहित घटना से जुड़े तमाम सवाल एसआईटी ने किए। सुचेता ने बताया कि इन दोनो से पूरे घटनाक्रम को लेकर और उससे जुड़े वीडियो व तस्वीर के बारे में पुलिस ने पूछताछ की। वहीं दोनों गुटों की तरफ से एक दूसरे पर लगाए गए आरोप-प्रत्यारोप के बारे में भी सवाल किए।

अबतक 8 लोगों से हुई पूछताछ
मामले की जांच में जुटी एसआईटी अबतक 8 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें सोमवार को छात्रसंघ अध्यक्ष समेत तीन छात्र और मंगवाल को दो छात्र शामिल हैं। इसके अलावा घटना के वक्त मौके पर मौजूद तीन अन्य लोगों से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है। इन सभी से एसआईटी ने पेरियार हॉस्टल के बाद नकाबपोशों की भीड़ से लेकर साबरमती होस्टल पहुंचे नकाबपोशों के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया। इन दोनों से यह पूछा कि आपलोग क्या हमलावरों को पहचानते हैं। उन लोगों ने यह हमला क्यों क्या इससे जुड़े अन्य तथ्यो के बारे में पूछताछ की।

नए सुराग तलाश रही एफएसएल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जेएनयू में कई वीडियो सामने आए हैं, तो वहीं रोज रोज छात्र संगठन नए नए विडियो जारी कर रहे हैं। मंगलवार को दोबारा से कैंपस में एफएसएल की टीम को बुलाया गया है, जो मामले में फिर से नए सुराग तलाशेगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पुलिस सभी विडियो फुटेज में दिख रहे लड़कों को बुलाकर उनसे कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम का सही ब्यौरा स्पष्ट हो सके। पुलिस जिन भी लोगों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुला रही है, उन सभी से सर्वर रूप में तोड़फोड़ से लेकर पेरियर हॉस्टल में मारपीट और फिर साबरमती हॉस्टल और इसके बद नर्मदा हॉस्टल सहित आसपास के इलाके में जो कुछ भी घटना हुई थी, उसके बारे में जानकारी हासिल कर रही है और उससे जुड़े साक्ष्यों को एकत्र करने में जुटी है।

क्या कहना है एसआईटी चीफ टिर्की का
एसआईटी के डीसीपी जॉय टिर्की ने बताया कि अबतक जिन नौ लोगों की पहचान कर उनकी तस्वीर जारी की गई थी, उनसे पूछताछ की जा रही है। एसआईटी पहले उन 9 छात्रों से पूछताछ करेगी, जिनकी पहचान की जा चुकी है, इसके बाद वाट्सएप ग्रुप यूनिटी अंगेस्ट लेफ्ट में शामिल जिन 44 छात्रों की पहचान की गई है, उनसे पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा एक अन्य ग्रुप से जुड़े लोगों के बारे में भी हम जांच कर रहे हैं। पुलिस ने मंगलवार को भी कुछ अन्य पहचाने गए छात्रों को नोटिस भेजे हैं।

स्टिंग से पहचाने गए 3 छात्रों समेत 23 के मोबाइल हैं बंद
क्राइम ब्रांच सूत्रों की मानें तो जिन तीन छात्रों की स्टिंग में पहचान हुई है, उनके अलावा ग्रुप के जिन 55 लोगों की पहचान कर ली गई है, उनमें से 23 लोगों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए हैं। वहीं कुछ तो घटना के बाद ही ग्रुप को छोड़ चुके हैं। हालांकि इसके बाद भी पुलिस ने इस ग्रुप के तकरीबन 44 लोगों की पहचान कर चुकी है। इन्हें भी जांच में शामिल भी किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक हिंसा के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप- यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट के 60 में से अबतक 44 लोगों की पहचान कर ली गई है।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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