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तीन पूर्व छात्र नेताओं के खिलाफ 29 वर्ष बाद जारी हुआ एनबीडब्ल्यू

22/01/2020

शरद
लखनऊ, 22 जनवरी (हि.स.)। लखनऊ जिला न्यायालय के आदेश पर सन् 1991 के प्रकरण में लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से जुड़े तीन पूर्व छात्रनेताओं के खिलाफ 29 वर्षों के बाद गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी हुआ है। 

न्यायिक सूत्रों के अनुसार 29 वर्षों से लगातार चल रहे मुकदमे में समाजवादी पार्टी से जुड़े तत्कालीन छात्रनेता राकेश सिंह राणा, पूर्व छात्र नेता अवधेश तिवारी और पूर्व छात्र नेता ज्ञानेन्द्र ​प्रताप सिंह के खिलाफ एनबीडब्ल्यू का आदेश हो गया है। सन् 1991 में हसनगंज थाने में तीनों पूर्व छात्र नेताओं के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत है। तीनों ने ही छात्रसंघ के चुनाव के पहले पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। 

फेक आईडी मामले में कोर्ट में आत्मसमर्पण
हुसैनगंज थाना क्षेत्र में दर्ज एक अन्य मुकदमे में एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद कैसरबाग थाने के प्रभारी निरीक्षक दीनानाथ मिश्रा ने भाजपा नेता अभिजात मिश्रा के छोटे भाई अभिषेक मिश्रा को गिरफ्तार की कोशिश की। फरार आरोपित ने पुलिस के दबाव में कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद बीस बीस हजार रुपये के जमानत पर छूटे। यह मुकदमा फेक आईडी बनाकर दुष्प्रचार करने में आईटी एक्ट में दर्ज हुआ था।   

हिन्दुस्थान समाचार


 
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