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हिमस्खलन से कश्मीर में चार जवान शहीद, पांच नागरिकों की मौत

14/01/2020

बलवान सिंह
जम्मू, 14 जनवरी (हि.स.)। कश्मीर घाटी में पिछले 24 घंटों के दौरान हुए हिमस्खलन से कोहराम मच गया। सोमवार देररात हुई बर्फीली तबाही में सेना को भारी क्षति हुई है। उसके चार जवान शहीद हो गए। इसके अलावा  चार स्थानीय नागरिकों की मौत हो गई। सेना युद्धस्तर पर राहत और बचाव में जुटी हुई है। राहत और बचाव दल ने अब तक बर्फ में दबे चार लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। हालांकि दो जवान अभी भी लापता हैं। 

एलओसी के साथ सटे नौगाम सेक्टर में मुस्तैद बीएसएफ के सात जवान  हिमस्खलन की चपेट में आकर फंस गए। बचाव और राहत दल ने छह जवानों को तो बचा लिया परंतु एक जवान शहीद हो गया। शहीद की पहचान बीएसएफ कांस्टेबल गंगाबारा निवासी मुजनी टी-इस्टेट जलपाइगुड़ी (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है। जवान का पार्थिव शरीर बाहर निकाल लिया गया है।

कुपवाड़ा जिले में सोमवार देरशाम अचानक मौसम खराब हुआ और हिमस्खलन से कोहराम मच गया।  नियंत्रण रेखा से सटे मच्छल सेक्टर में सीमा की सुरक्षा में तैनात कई जवान हिमस्खलन की चपेट में आ गए। जब तक सेना की राहत और बचाव टीमें वहां पहुंचीं तब तक तीन जवान शहीद हो चुके थे। शहीदों के पार्थिव शरीर को कुपवाड़ा सैन्य शिविर पहुंचा दिया गया है। सेना के पांच जवान अभी भी हिमस्खलन में फंसे हुए हैं। दो लापता हैं। राहत और बचाव दल जवानों की तलाश कर रहा है।

इसी बीच गांदरबल में दो स्थानों पर हुए हिमस्खलन में फंसे पांच लोगों की मौत हो गई। राहत और बचाव दल ने 16 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। एसएसपी गांदरबल केएम पोसवाल ने बताया कि पहला हिमस्खलन कुल्लर से नजदीक राइसन इलाके में हुआ। वक्त पर बचाव दल के पहुंच जाने  से 12 लोगों को बचा लिया गया। दूसरा हिमस्खलन कुल्लन के ही खास इलाके में हुआ। यहां रात को बर्फ की चट्टान खिसक जाने से नौ लोग उसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचे सेना के जवानों ने राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए चार लोगों को बचा लिया पर पांच लोगों की मौत हो गई। सभी शव बर्फ से निकाल लिए गए हैं। 

इसके अलावा कश्मीर के रामपुर और गुरैज सेक्टर में हिमस्खलन से सेना की चौकियों को नुकसान पहुंचा है। दो-तीन जवान लापता बताए जा रहे हैं पर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रभावित इलाकों में वायुसेना की टीमें भेजी गई हैं। यह टीमें लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। 

इससे पहले सोमवार सुबह उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में हिमस्खलन की चपेट में आने से सेना का हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी लापता हो गया। उसकी तलाश की जा रही है। 

हिमस्खलन और तबाही
-3 दिसम्बर, 2019ः बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर के बख्तूर इलाके में बर्फीले तूफान में एक जवान शहीद।
-30 नवम्बर, 2019: सियाचिन ग्लेशियर में भारी हिमस्खलन में सेना की पेट्रोलिंग पार्टी के दो जवान शहीद।
18 नवम्बर, 2019: सियाचिन में हिमस्खलन की चपेट में चार जवान और दो पोर्टर शहीद।
-10 नवम्बर, 2019: कुपवाड़ा में हिमस्खलन की चपेट में सेना के दो पोर्टर शहीद।
-31 मार्च, 2019: कुपवाड़ा में हिमस्खलन में मथुरा के हवलदार सत्यवीर सिंह शहीद।
-3 मार्च, 2019 : कारगिल के बटालिक सेक्टर में हिमस्खलन में पंजाब के नायक कुलदीप सिंह शहीद।
-8 फरवरी, 2019: जवाहर सुरंग पुलिस पोस्ट के पास हिमस्खलन में 10 पुलिसकर्मी लापता। इनमें से आठ को बचा लिया गया।
3 फरवरी, 2016: कश्मीर में हिमस्खलन में 10 जवान शहीद। बर्फ से निकाले गए लांस नायक हनुमनथप्पा ने छह दिन बाद तोड़ा दम।
-16 मार्च, 2012: सियाचिन में बर्फ में दब जाने से छह जवान शहीद। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
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