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2021 तक प्रति व्यक्ति 6.8 किलोग्राम ई-वेस्ट

06/09/2019

2021 तक प्रति व्यक्ति 6.8 किलोग्राम ई-वेस्ट

युगवार्ता डेस्क

प्लास्टिक कचरा हो या ई-वेस्ट या कोई और प्रदूषण के कारक सभी पर्यावरण के प्रदूषण का कारण बन रहे हैं। प्रदूषण का स्तर दिनोंदिन किस कदर बढ़ रहा है इसका अंदाजा संयुक्त राष्ट्र की रिर्पोट ए न्यू सर्कुलर विजन फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स से लगा सकते हैं। रिपोर्ट मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक कचरे की मात्रा वर्ष 2021 तक वैश्विक स्तर पर 52.2 मिलियन टन व प्रति व्यक्ति 6.8 किलोग्राम तक पहुंच जाएगी। रिपोर्ट अनुसार विश्व में प्रति वर्ष 50 मिलियन टन इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल वेस्ट यानी ई-वेस्ट का उत्पादन होता है।

इसका केवल 20 फीसदी औपचारिक रूप से पुनरचक्रित और 80 फीसदी या तो लैंडफिल में डाला जाता है या अनौपचारिक तरीके से निस्तारित किया जाता है। ई-वेस्ट में अनुपयोगी हेडफोन, डेस्कटॉप, कीबोर्ड, चार्जर, मदरबोर्ड, टेलीविजन सेट, एयरकंडीशनर, रेफ्रिजरेटर और वाशिंग मशीन आदि शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में ई-वेस्ट आयात होते हैं जो इस समस्या को और भयावह बना देते हैं। भविष्य में डिजिटलाइजेशन बढ़ेगा तो उसी अनुपात में ई-वेस्ट बढ़ेगा। इसलिए ई-वेस्ट के निपटारे के लिए सरकार को रणनीति बनानी होगी।


 
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