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पंद्रह महीने में बसपा का हरियाणा में तीसरे दल से गठबंधन

11/08/2019

वेदपाल
चंडीगढ़, 11 अगस्त (हि.स.)। देश की राजनीति में आयाराम-गयाराम के लिए मशहूर हरियाणा में  उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सत्ता की चाबी पाने के लिए अलग-अलग दल से गठजोड़ करती रहती है। रविवार को बसपा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के खानदान की इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) से अलग होकर बनी  जननायक जनता पार्टी (जजपा) के साथ गठजोड़ कर लिया। बसपा ने 15 माह में तीसरे दल से हाथ मिलाया है।    
हरियाणा की राजनीति में बसपा के वोट बैंक की खासी पूछ है। चुनाव आते ही इस वोट बैंक के लिए राजनीतिक दल बसपा की चौखट खटखटाने लगते हैं। मगर इसमें जजपा ने बाजी मार ली है। बसपा और जजपा नेताओं दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में गठबंधन की घोषणा की। इस मौके पर बसपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य सतीश मिश्रा और जजपा नेता पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने मौजूद रहे। दोनों हरियाणा में विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे। जजपा 50 सीटों और बसपा 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 
चौटाला ने उम्मीद जताई है कि अगली सरकार जजपा-बसपा गठबंधन की बनेगी। देवीलाल की जयंती पर 25 सितंबर को ऐतिहासिक रैली की जाएगी। सतीश मिश्रा ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती और जजपा संस्थापक डाॅ. अजय सिंह चौटाला ने गठबंधन को हरी झंडी दी। इस अवसर पर जजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनंतराम तंवर, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डा. केसी बांगड़, हरियाणा बसपा के प्रभारी डा. मेघराज वप्रदेश अध्यक्ष प्रकाश भारती मौजूद थे। 
उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2018 में बसपा और इनेलो का गठबंधन हुआ। इनेलो के प्रधान महासचिव अभय चौटाला ने इसे भाई-बहन का अटूट गठबंधन बताया था। मगर इनेलो में दोफाड़ होने के बाद 9 फरवरी को बसपा ने चश्मा उतार दिया। बसपा इसके बाद राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के ऑटो में सवार हो गई। लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद बसपा ने अब ऑटो की सवारी छोड़कर रविवार को जजपा की चाबी थाम ली है। 
हिन्दुस्थान समाचार


 
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