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एलओसी पर शहीद की पत्नी को 25 लाख, आश्रित को नौकरी देगी यूपी सरकार

18/11/2019

- मुख्यमंत्री योगी ने आगरा के शहीद जवान संतोष को दी भावभीनी श्रद्धाजंलि
वर्ष 1997 में सेना में हुए थे भर्ती, शाम तक पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की संभावना 

दीपक वरुण 
लखनऊ, 18 नवम्बर (हि.स.)। एलओसी पर पलांवाला सेक्टर में जीरो लाइन पर रविवार को आईईडी के धमाके में आगरा का जवान संतोष सिंह भदौरिया शहीद हो गए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को शहीद संतोष सिंह भदौरिया की शहादत को शत-शत नमन करते हुए उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने शहीद जवान की पत्नी को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और शहीद के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया है। 

आगरा जिले की तहसील बाह के गांव पुरा भदौरिया निवासी संतोष सिंह भदौरिया हवलदार के पद पर नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तैनात थे। वह अन्य जवानों के साथ सेना के वाहन से रविवार की सुबह 11 बजे सीमावर्ती पोस्ट पर जा रहे थे। कच्ची सड़क पर दुश्मन देश पाकिस्तान की ओर से आईईडी लगाई गई थी। इस पर वाहन का अगला पहिया चढ़ते हुए तेज धमाका हुआ और वाहन में सवार तीन जवान घायल हो गये। गंभीर रूप से घायल आगरा के हवलदार संतोष सिंह भदौरिया, नायक जिमराराम को उधमपुर के कमान अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीसरे जवान नायक कृष्ण प्रताप अखनूर को सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया।उधमपुर के कमान अस्पताल में इलाज के दौरान संतोष सिंह भदौरिया ने दम तोड़ दिया। 

एसडीएम ने दी परिवार को शहादत की खबर
आईईडी के धमाके में शहीद हुए आगरा के जवान संतोष सिंह भदौरिया की शहादत की खबर सैन्य अधिकारियों ने फोन से आगरा के जिला प्रशासन को दी। इसके बाद रविवार की रात्रि में करीब 9ः30 बजे एसडीएम बाह अवधेश श्रीवास्तव ने जवान के घर जाकर संतोष कुमार सिंह की शहादत की खबर दी। बेटे के शहीद होने की खबर सुनते ही परिजनों में रोना-पिटना मच गया। एसडीएम ने परिवार को ढांढस बंधाया। सोमवार को सूचना के बाद रिश्तेदार, ग्रामीण शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच गए हैं। शासन के मुताबिक सोमवार शाम तक शहीद का पार्थिव शरीर आने की उम्मीद है।

दो दिन पहले बेटे को किया था फोन 
40 वर्षीय जवान संतोष सिंह भदौरिया सन 1997 में सेना में भर्ती हुए थे। उनकी पत्नी पत्नी विमला देवी, बेटी दीक्षा (17 वर्ष), प्रिया (14 वर्ष), बेटे अभय प्रताप सिंह (12 वर्ष) के साथ आगरा में रहती हैं। बड़ी बेटी ने बताया कि शुक्रवार को भाई अभय प्रताप सिंह का जन्मदिन था तो पिता ने फोन करके जन्मदिन की बधाई दी थी। साथ ही यह भी कहा था कि जब वह आयेंगे तो खूब सारी मिठाई, कपड़े और खिलौने लेकर आयेंगे। शहीद संतोष के भाई लालजी और दिनेश किसान हैं। पिता शंकर सिंह और मां की काफी समय पहले मृत्यु हो चुकी है। तीन भाइयों में संतोष सबसे छोटे थे। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
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