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दूसरे समावर्तन समारोह का आयोजन

14/10/2019

दूसरे समावर्तन समारोह का आयोजन


ला और संस्कृति को लेकर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने 2017 में जिन पाठ्यक्रमों की शुरुआत की थी, इसमें रुचि रखने वाले गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। केंद्र में नया सत्र प्रारंभ हो चुका है। जबकि बीते पांच सितंबर को ‘शिक्षक दिवस’ के अवसर पर दूसरा समावर्तन समारोह मनाया गया। समारोह के दौरान कला केंद्र के सदस्य सचिव सच्चिदानंद जोशी ने कहा, ‘भारत जैसी परंपरा और धरोहर कहीं नहीं है। ऐसे में इन धरोहरों का संरक्षण होना चाहिए और इनके बारे में लोगों को और अधिक अवगत कराने की जरूरत है।’ आगे उन्होंने कहा कि संस्कृति, कला, साहित्य अत्यधिक प्रमाणिकता व सहजता के साथ लोगों तक पहुंचे, इसके लिए आईजीएनसीए में कई तरह के पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं।

हमारे यहां पढ़ाये जाने वाले पाठ्यक्रम उस संरक्षण में सहयोगी सिद्ध होंगे। इसी क्रम में जोशी ने बताया कि जब पहली बार 2017 में इन पाठ्यक्रमों को शुरू किया था तो 23 से लेकर 73 वर्ष की आयु के विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था। इस बार भी सभी सीटें भर गई हैं। मुख्य अतिथि के तौर पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के उपाध्यक्ष भूषण पटवर्धन शिरकत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने जो प्रयोग किया है, वह सराहनीय है। इस कदम से आईजीएनसीए कला के साथ-साथ शिक्षा का भी केन्द्र होगा। पटवर्धन ने कहा कि वे इस बात के लिए जोशी को धन्यवाद देते हैं कि यहां उन विषयों को पढ़ाया जाता है, जो हम अपने शिक्षा केन्द्रों में नहीं सीख पाते।

जिन विषयों को आईजीएनसीए में पढ़ाया जा रहा है, उन विषयों के विद्यार्थियों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों में कार्य करने की उपलब्धता होगी। स्मरण रहे कि आईजीएनसीए कुल सात एक वर्षीय पाठ्यक्रम और पांच त्रैमासिक पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा है। इसके अलावा संस्थान के दो क्षेत्रीय केन्द्रों में भी कुछेक पाठ्यक्रमों को शुरू किया गया है।


 
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