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शौचालय बने नहीं, फिर भी हो गये ओडीएफ गांव

11/09/2019

मोहन ठाकुर 
सुकमा 11 सितम्बर(हि.स.) । छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला सुकमा के मुरतोड़ा पंचायत को ओडीएफ मुक्त घोषित किये एक साल हो गये है। इसके बावजूद भी यहां शौचालय निर्माण का कार्य आधा-अधूरा पड़ा हुआ है। वहीं ग्रामीण खुले में शौच जाने के लिए आज भी मजबूर है। बावजूद इसके शासन-प्रशासन के द्वारा इन पंचायतों को कैसे खुले से शौच मुक्त घोषित कर दिया यह लोगों के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। 

जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर मुरूतोड़ा पंचायत खुले से शौच मुक्त घोषित हुए एक साल होने जा रहा है लेकिन इस पंचायत की हालत देखने में कहीं पर भी ऐसी तस्वीर देखने को नहीं मिली है कि यह खुले से शौच मुक्त है। जबकि पंचायत में दो से तीन सालों में बने दर्जनों शौचालयों के कार्य आज भी अधूरे पड़े है। इस तरह का मामला पंचायत के फोटकूरास पारा में देखने को मिला। यहां पर दस से अधिक शौचायल अधूरे पड़े है। यहां के ग्रामीण अधूरे शौचायल निर्माण से परेशन है। सरकारी योजनाओं के द्वारा बनने वाला शौचालय का लाभ उन्हें नहीं मिला पा रहा है। जबकि शौचालय निर्माण की राशि निकाली जा चुकी है और उसके बाद भी शौचालय निर्माण नहीं होने से ग्रामीण परेशन है। 

प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन की उड़ रही धज्जियां 
नक्सल प्रभावित जिला सुकमा में देश के प्रधानमंत्री के महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक स्वच्छ भारत अभियान की शासन-प्रशासन द्वारा खुलेआम धज्ज्यिां उड़ाई जा रही है। जबकि इस पंचायत में भाजपा प्रत्याशी ही संरपंच पद पर है। जहां पर प्रधानमंत्री के इस योजनाओं का क्रियान्वयन और बेहतर ढंग से किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं कर उल्टे इस पंचायत में शौचालय निर्माण के नाम पर खानापूर्ति कर दिया गया। सरपंच-सचिव के द्वारा आधे-अधूरे शौचालय निर्माण कर अपने पंचायत को खुले से शौच मुक्त पंचायत भी घोषित करवा दिया। 

इस मामले पर क्या कहना है ग्रामीणों का 
मुरतोड़ा निवासी अनंतराम ने बताया कि पंचायत में शौचालय निर्माण का काम पिछले तीन वर्ष से अधूरा पडा हुआ है। जिसके कारण यहां के लोगों को सरकारी योजनाओं के तहत बनने वाले शौचालय का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां अधूरा निर्माण कर शौचालयों को छोड़ दिया गया है। वहीं ग्रमीण सुकरा ने बताया कि पीछले तीन वर्ष से शौचालय को अधूरा बनाकर छोड़़ दिया है। सरपंच सचिव को कई बार बताये है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिये। वहीं अब शौचालय बनने से पहले ही जर्जर हो चूका है। इधर रामबती ने बताया कि शौचालय अधूरा बना कर छोड दिया है कब पूरा होगा ये पता नहीं। पंचायत प्रतिनिधियों को बोल- बोलकर हम सभी ग्रामीण अब थक चूके है। घर में शौचालय आने के बाद भी मजबुरन शौच के लिए जंगल जाना पड़ता है।  

हिन्दुस्थान समाचार 


 
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