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देश की 29 निजी लैब को कोविड-19 के जांच की अनुमति, 12 हजार सैंपल प्रतिदिन जांच की क्षमता

25/03/2020

विजयलक्ष्मी
नई दिल्ली, 25 मार्च (हि.स.)। कोविड-19 के बढ़ते मामले के मद्देनजर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के 29 निजी लैब को सैंपलों की जांच करने की मंजूरी दे दी है। 

मंत्रालय के मुताबिक देश के 118 सरकारी लैब के साथ 29 निजी लैब की संख्या जुड़ने के साथ ही कोविड के 12000 सैंपलों की प्रतिदिन जांच की जा सकेगी। इन 29 निजी लैब के देश भर में करीब 16000 कलेक्शन सेंटर हैं। हालांकि निजी लैब में भी डॉक्टरों की सलाह से ही कोविड की जांच की जाएंगी।

बुधवार को प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि कोविड अभी नियंत्रण में है और दूसरे स्टेज पर ही है लेकिन इसके सैंपल की जांच के लिए सरकार लगातार लैब की संख्या बढ़ा रही है। निजी लैब में इस टेस्ट के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है, उससे ज्यादा शुल्क कोई भी लैब लोगों से नहीं वसूल सकेगा। इसके अलावा 118 सरकारी लैब भी हैं जहां सारे टेस्ट निशुल्क किए जाते हैं। निजी लैब में इस टेस्ट के लिए लोगों को 4500 रुपये खर्च करने  होंगे। 

बचाव के चिकित्सीय उपकरण (पीपीई) के उत्पादन के लिए घरेलू कंपनियों की ली जा रही है मदद
कोविड के बढ़ते मामलों के साथ अस्पतालों में पीपीई की कमी भी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। वैश्विक महामारी से निपटने के लिए चिकित्सकों के लिए अतिआवश्कयक बचाव के उपकरण की खरीद के लिए घरेलू तकनीकी कंपनियों को कहा गया है। इस काम में डीआरडीओ और डीईएल भी काम कर रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि पूरा विश्व इस महामारी से जूझ रहा है लिहाजा पीपीई के निर्माण के लिए कुछ जरूरी चीजों का निर्यात नहीं हो पा रहा है। उन जरूरी चीजों को तैयार करने के लिए कुछ तकनीकी घरेलू कंपनियों को कहा गया है और सरकार इस दिशा में तेजी से कदम उठा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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