राष्ट्रीय

Blog single photo

कर्नाटक संकट : दिल्ली से मुंबई तक दांव पेच में उलझा सत्ता का खेल

10/07/2019

मनोहर यडवट्टि
बेंगलुरु, 10 जुलाई (हि.स.)। कर्नाटक में सत्ता का खेल अब निचले स्तर पर आ पहुंचा है। सत्तारूढ़ जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी दोनों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण दिखाई दिया। गठबंधन सरकार के मंत्री डीके शिवकुमार को आज मुंबई के उस लग्जरी होटल में प्रवेश से रोक दिया गया, जहाँ कांग्रेस और जेडीएस के विधायक ठहरे हुए हैं। 

कांग्रेस पार्टी के 'संकटमोचक' शिवकुमार आज असंतुष्ट विधायकों का मनाने के मिशन पर थे। पुलिसकर्मियों द्वारा उनको उस होटल में प्रवेश से वंचित कर दिया गया जहां उन्होंने कमरा बुक करवाया था। बाद में उनको सूचित किया गया था कि उस कमरे बुकिंग रद्द कर दी गई है।इससे आहत शिवकुमार ने वहां से जाने इनकार कर दिया और जेडीएस नेता जीटी देवेगौड़ा के साथ होटल के बाहर रुके रहे। बाद में पुलिस ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के बहाने उन्हें वहां से हटाया। इस बीच इस मुद्दे पर संसद में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल के सदस्यों के विरोध प्रदर्शन किया जबकि जेडीएस और कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस घटना की निंदा की।
 
जेडीएस सुप्रीमो और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कई नेताओं गठबंधन सरकार पर आये इस संकट के लिए भारतीय जनता पार्टी सरकार को जिम्मेदार बताया। आज दोपहर में कांग्रेस विधायक डॉ केके सुधाकर और एमटीबी नागराज ने स्पीकर केआर रमेशकुमार को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस दौरान सुधाकर को नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कुछ पूर्व कांग्रेस मंत्रियों द्वारा स्पीकर के कक्ष की ओर जाने से रोका गया। कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया द्वारा 'काउंसलिंग' के लिए पूर्व मंत्री केजे जॉर्ज के कक्ष में उन्हें जबरन ले जाया गया था।
 
हालांकि यह बैठक निरर्थक रही जबकि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने गठबंधन के सहयोगियों पर विधायकों को डराने का आरोप लगाया। यह नाटक उस समय खतरनाक स्थिति में चला गया जब के सुधाकर की पत्नी ने  पति द्वारा जबरन इस्तीफा देने से रोकने की शिकायत की। राज्यपाल वजुभाई वाला के निर्देश पर शहर पुलिस आयुक्त ने कांग्रेस विधायक को बचाने के लिए विधानसभा सौध पहुंचे। इस बीच, मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी अपने पिता एचडी देवेगौड़ा से मिले। देर शाम तक प्रदेश की राजनीतिक स्थिति असमंजस वाली बनी रही और कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिखे।

हिन्दुस्थान समाचार


 
Top