व्यापार

जी-20 की बैठक में बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए डिजिटल कर के निर्माण का आह्वान

08/06/2019

गोविन्द
फुकुओका(जापान), 08 जून (हि.स.)। जापान के फुकुओका में शनिवार से जी-20 देशों की शुरू हुई दो दिवसीय बैठक में सभी देशों के वित्त अधिकारियों ने बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए डिजिटल कर के निर्माण का आह्वान किया। इसका उद्देश्य कर चोरी को रोकना और नीतियों का आधुनिकीकरण करना है  क्योंकि वित्तीय बाजारों और व्यवसायों को प्रौद्योगिकी द्वारा बदल दिया गया है।
बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कर से बचने और चोरी का मुकाबला करने के लिए भारत के चल रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। बैठक में जापान के वित्त मंत्री तारो एसो ने कहा कि अगर वैश्विक स्तर पर डिजिटल कर की शुरुआत होती है तो यह 100 से अधिक वर्षों के लंबे समय से स्थापित अंतरराष्ट्रीय ढांचे का सबसे बड़ा सुधार हो सकता है।
जी-20 समूह देशों के शीर्ष वित्त अधिकारी शनिवार को इस बात पर सहमत हो गए कि गूगल और फेसबुक जैसी बड़ी इंटरनेट सेवा प्रदत कंपनियों पर टैक्स लगाने के लिए जल्दी एक वैश्विक प्रणाली की जरूरत है। इन बड़ी कंपनियों पर टैक्स लगाने की वैश्विक प्रणाली से टकराव न हो इसका ख्याल रखा जाए। जी-20 समूह देशों ने यह काम आर्थिक सहयोग और विकास संगठन(ओईसीडी) को सौंपा है। उससे कहा गया है कि वह प्रणाली को दुरुस्त करें।
बैठक में इस बात पर शनिवार को जोर दिया गया कि कुछ बड़ी कंपनियां आयरलैंड जैसे देशों में कम टैक्स होने का लाभ उठा रही हैं और उन देशों में टैक्स के तौर पर कुछ भी नहीं दे रही हैं जहां से वह बड़ा लाभ कमा रही हैं।
इस मसले पर एक चर्चा में फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रूनो ला माइरे ने कहा, 'हमें जल्दी करना होगा।' वहीं ब्रिटेन के वित्त मंत्री फिलिप हैमंड ने कहा कि बड़ी इंटरनेट कंपनियों पर सही से टैक्स लगाना एक तरह से हमारी कर प्रणाली में हमारी जनता के साथ होने वाले अन्याय का जवाब होगा। 
इस बीच, शिखर सम्मेलन के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्टीवन मेनुचिन ने कहा कि वाशिंगटन चीन के साथ जारी व्यापार युद्ध को आगे बातचीत के रास्ते सुलझाने की कोशिश करेगा। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई सौदा नहीं हो पाया तो अमेरिका टैरिफ पर दबाव डालेगा।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 28-29 जून को ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन में अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से मिल सकते हैं। दोनों नेता संभवत: व्यापार और प्रौद्योगिकी पर अपने जोरदार गतिरोध को हल करने पर काम करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार