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पार्टी आलाकमान ने सिद्धू को बेवजह की बयानबाजी से बचने की दी नसीहत

10/06/2019

आशुतोष 

नई दिल्ली, 10 जून (हि.स.)। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच चल रहे अघोषित विवाद के बीच सोमवार को सिद्धू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात की। 

बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान ने सिद्धू को बेवजह की बयानबाजी से बचने की नसीहत दी है ताकि पार्टी की छवि को खराब न हो। बताया यह भी जा रहा है कि मुलाकात के दौरान सिद्धू ने अपना बचाव करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह पर सारा ठीकरा फोड़ने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पंजाब में इन दोनों नेताओं के बीच का आपसी द्वंद इतना बढ़ गया था कि कैप्टन ने पार्टी आलाकमान से उनके व सिद्धू के बीच किसी एक को तय करने की चेतावनी तक दे दी थी। इसके बाद से ही दोनों के बीच विवाद और अधिक तूल पकड़ने लगा था। यही कारण था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल के दौरान सिद्धू के विभागों में कटौती कर दी थी। इसके बावजूद कैप्टन ने दिल्ली में कुछ दिनों पहले पार्टी आलाकमान से मिलकर सिद्धू द्वारा की जा रही पार्टी विरोधी गतिविधियों की जानकारी दी थी। पंजाब में लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी को 8 सीटें जितवाकर कैप्टन ने आलाकमान के सामने अपनी निष्ठा दोबारा साबित की ।

जानकारों का मानना है कि कैप्टन अमरिंदर ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पार्टी की प्रतिष्ठा को बचाए रखी लेकिन सिद्धू ने पार्टी के लिए जहां-जहां प्रचार किया वहां- वहां पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। सिद्धू के इस कारनामे के लिए पार्टी आलाकमान ने उन्हें कड़ी नसीहत दी है और कहा कि उन्हें बेवजह की बयानबाजी से दूर रहना चाहिए । यही कारण है कि मुलाकात के बाद सिद्धू ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की और लोगों के सवालों से भी बचते रहे।

दरअसल लोकसभा चुनाव में मिली शिकस्त के बाद कांग्रेस को एक-एक कर हर राज्यों में कलह का सामना करना पड़ रहा है। चाहे कर्नाटक हो, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में भी कैप्टन अमरिंदर सिंह और सिद्धू के बीच तनातनी ने पार्टी आलाकमान को हलकान कर दिया है। कांग्रेस नेतृत्व इस कोशिश में लगा हुआ है कि जल्द से जल्द इन राज्यों में नेताओं के बीच उपजे अंतर्कलह को दूर करते हुए पार्टी की साख को बचाया जा सके। इसी क्रम में सोमवार को राहुल गांधी ने सिद्धू से मुलाकात की तो आने वाले दिनों में अन्य राज्यों के नेताओं से भेंट मुलाकात किए जाने की संभावना है।

हिन्दुस्थान समाचार  


 
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