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कोरोना काल के सकारात्मक पक्षों को प्रस्तुत करेगा उप्र का संस्कृति विभाग

22/05/2020

-संन्यासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महामारी से जारी संघर्ष की गाथा पर आयोजित होंगे कार्यक्रम
-संस्कृति मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी ने विभाग की विभिन्न संस्थाओं को दिए दिशा निर्देश

पीएन द्विवेदी
लखनऊ, 22 मई (हि.स.)।  उत्तर प्रदेश सरकार का संस्कृति विभाग कोरोना काल के सकारात्मक पक्षों को देश और प्रदेश की जनता के सम्मुख विविध माध्यमों से प्रस्तुत करने की योजना बना रहा है। संन्यासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महामारी के खिलाफ जारी संघर्ष की गाथा पर भी कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन एवं धमार्थ कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. नीलकंठ तिवारी ने शुक्रवार को इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 

संस्कृति मंत्री दो दिन से लगातार संस्कृति विभाग और उसकी स्वायत्तशासी संस्थाओं, ललित कला अकादमी, अयोध्या शोध संस्थान, लोक एवं जनजाति कला एवं संस्कृति संस्थान, राष्ट्रीय कथक संस्थान और भातखण्डे संगीत संस्थान सम विश्वविद्यालय के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोरोना महामारी के चलते बदली हुई परिस्थितियों में विभागीय गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाये।   

मंत्री ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष की शुरूआत विश्वव्यापी महामारी कोरोना के संकट से हुई जिसमें शारीरिक दूरी बचाव का सबसे महत्वपूर्ण उपाय है। उन्होंने कहा कि संस्कृति विभाग का सबसे बड़ा उद्देश्य सामाजिकता को बढ़ावा देना है। सांस्कृतिक आयोजन, सेमिनार एवं गोष्ठियां विभाग के मूल उद्देश्यों में निहित हैं। कोरोना महामारी के कारण भविष्य में लम्बे समय तक शारीरिक दूरी का पालन किया जायेगा। ऐसे में इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभाग को अपनी रणनीति बड़ी ही सूझबूझ के साथ बनानी होगी। संस्कृति विभाग और उसकी स्वायत्तशासी संस्थाओं का अस्तित्व इस चुनौती को स्वीकार कर नये विकल्पों की तलाश में ही है।

उप्र राज्य ललित अकादमी की समीक्षा करते हुए संस्कृति मंत्री ने निर्देश दिया कि भारत माता मन्दिर परिसर में अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद कला वीथिका का निर्माण प्रस्तावित किया जाये क्योंकि यह स्थान चन्द्रशेखर आजाद की स्मृतियों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इस सम्बंध में काशी विद्या पीठ से भी आवश्यक विचार-विमर्श करने को कहा। 

ललित कला अकादमी के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह पुण्डीर ने इस दौरान मंत्री को अवगत कराया कि अकादमी द्वारा कोरोना योद्धाओं पर आधारित अखिल भारतीय फोटो प्रदर्शनी व प्रतियोगिता की योजना बनायी गयी है। इसमें महामारी से संघर्ष में अनेक डाक्टरों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों एवं सफाई कर्मचारियों ने युद्ध स्तर पर कार्य किये हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता पर आधारित ऑनलाइन पेण्टिंग फोटो प्रतियोगिता भी पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की जायेगी। इस आयोजन में बच्चे, युवा कलाकार तथा वरिष्ठ कलाकारों को भी सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त होगा।

मंत्री ने निर्देश दिए कि कोरोना महामारी से युद्ध में अनेक स्वयंसेवी संस्थाओं तथा व्यक्तिगत लोगों ने भी बहुत प्रयास किये हैं। उनके इन प्रयासों को भी आमजन के समक्ष रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाना है। व्यक्तिगत स्तर पर, संस्था के स्तर पर तथा जिला प्रशासन के स्तर पर प्रदेश में जो भी कार्य किये गये हैं उन्हें फोटो एवं चित्र प्रतियोगिता और प्रदर्शन के माध्यम से कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाये। श्रेष्ठ योगदान को राज्य स्तर से प्रमाण पत्र भी वितरित किये जायें। 

डा. तिवारी ने ललित कला अकादमी को यह भी निर्देश दिये कि कार्यक्रमों को यूट्यूब में भी अपलोड किये जायें ताकि प्रदेश की नई पीढ़ी को ललित कला की प्राथमिक शिक्षा प्राप्त हो सके। उन्होंने चित्रकला और मूर्तिकला की प्राथमिक शिक्षा भी यूट्यूब के माध्यम से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। 

संन्यासी मुख्यमंत्री के प्रयासों पर कार्यक्रम आयोजन के निर्देश
संस्कृति मंत्री ने कहा कि संन्यासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महामारी के खिलाफ जारी संघर्ष की गाथा पर भी कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके तहत ‘संन्यास से औद्योगिक क्रान्ति की ओर’ विषय पर आधारित चित्रकला कार्यशाला एवं प्रतियोगिता का आयोजन वृहद स्तर पर कराया जाये। मंत्री ने कहा कि विश्व के इतिहास में ऐसे उदाहरण अनेक बार मिले हैं जब सम्पन्नता को छोड़कर कुछ लोगों ने संन्यास ग्रहण किया परन्तु उत्तर प्रदेश को यह सौभाग्य पहली बार मिला है कि एक संन्यासी मुख्यमंत्री का नेतृत्व प्राप्त हुआ है और उन्होंने कोरोना महामारी से अहर्निश संघर्ष करते हुए भी प्रदेश में औद्योगिक क्रान्ति का न केवल स्वप्न देखा बल्कि उसे साकार करने के लिए अनेक देशों से वार्ता कर विदेशी पूॅंजीपतियों को आमंत्रित किये जाने का कार्य भी किया। इस अवधि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिदिन लगातार स्थिति की समीक्षा की और स्थलीय निरीक्षण भी करते रहे।  ‘कम्युनिटी किचेन’ में जाकर भोजन की गुणवत्ता और उसकी वितरण प्रणाली से लेकर गाजियाबाद की सीमा पर पहुंचकर घर वापस हो रहे मजदूरों से भी मिले। मुख्यमंत्री के दिल में जहां उत्तर प्रदेश के रहने वाले कोटा में अध्ययनरत विद्यार्थियों को वापस बुलाने की चिंता थी वहीं अन्य प्रदेशों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों एवं कामगारों के लिए भी दिन रात सीधा सम्पर्क करते रहे। 

मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से संघर्ष में ऐसे जो भी सकारात्मक कार्य समाज के सामने उपस्थित हुए हैं, उन्हें कूंची और रंग से कलात्मक आयाम प्रदान किया जा सकता है। इस संबंध में उन्होंने ललित कला अकादमी द्वारा अपनी सम्पूर्ण कार्ययोजना को एक सप्ताह के भीतर विभाग में प्रस्तुत करने को कहा है।

छोटे बच्चों की ऑनलाइन रामायण प्रतियोगिता 
अयोध्या शोध संस्थान की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देशित किया कि छोटे बच्चों की आॅनलाइन रामायण प्रतियोगिता करायी जाये। उन्होंने कहा कि इसके लिए लगभग 200-250 प्रश्नों की क्वीज प्रतियोगिता के प्रश्न बना लिये जायें जिसके संक्षेप में व्याख्याप्रद उत्तर प्राप्त किये जायें, जिससे बच्चों की जानकारी में वृद्धि हो सके। अयोध्या शोध संस्थान को उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि 45-45 मिनट के अखण्ड रामचरित मानस गायन पाठ का आयोजन भी आॅनलाइन किया जाये। प्रदेश के पांच लोक क्षेत्रों के कलाकारों को इस प्रकार चयनित किया जाये कि लगातार रामचरित मानस का गायन क्रमशः चलता रहे। ऑनलाइन इस आयोजन को वैश्विक स्तर पर देखे जाने की व्यवस्था करने को भी कहा। 

अयोध्या शोध संस्थान द्वारा प्रस्तावित ‘ग्लोबल इनसायक्लोपीडिया आफ द रामायण’ के सम्बंध में संस्कृति मंत्री ने निर्देशित किया कि यह संस्थान के साथ-साथ प्रदेश के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि होगी इसलिए इस कार्य में अधिक से अधिक विचारशील अध्येताओं से सुझाव प्राप्त कर एक उत्कृष्ट प्रकाशन किया जाये।

आल्हा, बिरहा एवं कजरी गायन के ऑनलाइन कार्यक्रम 
संस्कृति मंत्री ने लोक एवं जनजाति कला एवं संस्कृति संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आल्हा, बिरहा एवं कजरी गायन के ऑनलाइन कार्यक्रम कराये जायें। इसके लिए कलाकारों को भुगतान किये जाने का भी उन्होंने निर्देश दिया। इसी तरह राष्ट्रीय कथक संस्थान को 15 से 20 दिन का ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक संख्या में बच्चों को उससे जोड़ने को कहा। 

भातखण्डे संगीत संस्थान सम विश्वविद्यालय की समीक्षा करते हुए मंत्री ने नये प्रवेश के संदर्भ में शीघ्र कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्देश दिया। साथ ही लाॅकडाउन में ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम और वेबिनार आयोजित करने को कहा। 

दो दिवसीय समीक्षा बैठक में राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह पुण्डीर, संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव जितेन्द्र कुमार, निदेशक, अयोध्या शोध संस्थान डा. योगेन्द्र प्रताप सिंह, सचिव, राज्य ललित कला अकादमी डा. यशवंत सिह राठौर समेत कई अधिकारी  उपस्थित रहे। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
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