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सुरा, सुन्दरी और सियासत का खेल

05/10/2019

सुरा, सुन्दरी और सियासत का खेल

डॉ. मयंक चतुर्वेदी

हाई प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग का यह कितना बड़ा मामला है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें दो पूर्व सीएम, 2 मंत्री, 3 पूर्व मंत्री, 1 पूर्व सांसद, 15 आईएएस, 8 आईपीएस के साथ ही 10 बड़े बिल्डर फंसे हैं।

इंदौर निगम इंजीनियर हरभजन सिंह के अंतरंग पलों के वीडियो बनाकर उन्हें तीन करोड़ रुपये के लिए ब्लैकमेल करने वाली आरती, मोनिका, श्वेता सहित पांच युवतियों को लेकर लगातार खुलासे हो रहे हैं। मध् य प्रदेश में देह व् यापार और ब् लेक मैलिंग के अपराध से जुड़े इस हाइप्रोफाइल मामले की गंभीरता इससे समझी जा सकती है कि प्रशासन ने जांच के लिए पहले जो टीम गठित की, उसे अभी बनाए 24 घण् टे भी नहीं गुजरे थे कि सरकार को उसे भंग करने की नौबत आ गई और फिर नई एसआईटी गठित की गई। नेता, नौकरशाह, बिजनेसमैन की तिकड़ी की इसमें संलिप् तता है। गिरोह के निशाने पर केवल ऐसे व्यक्ति होते थे जो इन्हें 1 करोड़ रुपये दे सकें।
मामले में अभी तक कुल 5 महिलाओं समेत 6 लोग गिरμतार किए जा चुके हैं। हाई प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग का यह कितना बड़ा मामला है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख् यमंत्री कमलनाथ स् वयं ही इस पूरे प्रकरण की सीधे मॉनीटरिंग कर रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर अब तक जांच में सामने आया है कि श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी, श्वेता विजय जैन और आरती दयाल के मध्य प्रदेश के अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ के नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और उद्योगपतियों से संबंध हैं।
कई नेताओं के रात दो-दो बजे तक इन महिलाओं से फोन कॉल और चैटिंग का रिकॉर्ड मिला है। महिलाएं नेताओं और अफसरों को ट्रैप करने के लिए फिल्म अभिनेत्रियों और मॉडल का भी इस्तेमाल करती थीं। हसीनाएं यही नहीं करती बल् िक इनका काम गरीब लड़कियों को लालच देकर झांसे में लेना और फिर उन् हें इस गंदे काम में धकेल देने का भी था। इन खुलासों से कई सफेदपोशों की नींद उड़ी हुई है। यह मामला राजनीतिक तौर पर कितना संवेदनशील है इसका पता इससे चलता है कि दिल्ली में भी इस कांड की गूंज सुनाई दे रही है।
भाजपा आलाकमान ने पार्टी की प्रदेश इकाई से इस संबंध में विस् तृत रिपोर्ट मांगी है। यही हाल मुख् य विपक्षी दल कांग्रेस का भी है। पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश कांग्रेस से रिपोर्ट तलब की है। कांग्रेस ने हनी ट्रैप की मुख्य आरोपी श्वेता जैन की तस्वीर जारी करते हुए कहा है कि श्वेता जैन 2013 और 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की स्टार प्रचारक थी। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष अरुणोदय चौबे द्वारा जारी श्वेता जैन की दो तस्वीरों में से एक में पूर्व केंद्रीय मंत्री स् व. अरुण जेटली के साथ वह मंच साझा करती हुई दिखाई दे रही है। ये तस्वीरें मध्य प्रदेश के खुरई विधानसभा की है । पूर्व मुख् यमंत्री दिग्विजय सिंह का आरोप है हनीट्रैप में भाजपा के पूर्व मंत्री और भाजपा के विधायक फंसे हैं।
श्वेता जैन भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़ी रही है। यह भाजपा युवा मोर्चा की महामंत्री थी। उधर, भाजपा ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। पार्टी के राष् ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘मामले की जांच ऐसी एजेंसी से कराई जानी चाहिए जो पक्षपाती ना हो’ । वहीं, पूर्व मंत्री व भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि अगर केस की निष्पक्ष जांच करानी है तो इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। जबकि सीबीआई जांच की इस मांग को लेकर कांग्रेस सहमत नहीं है। कांग्रेस के मीडिया को-आॅर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा कहते हैं कि बीजेपी जांच को पटरी से उतारना चाहती है और व्यापमं की तरह केस को बंद कराना चाहती है।
हर कोई जानता है कि कौन सीबीआई को कंट्रोल करता है। जैसे श् वेता के फोटो भाजपा नेताओं के साथ वायरल हो रहे हैं वैसे ही बरखा सोनी के कई फोटो कांग्रेस नेताओं के साथ हैं। गिरोह की सरगना श् वेता इतनी चालाक है कि उसने बड़े- बड़े लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए दो टीम बनाईं। टीम ए में श्वेता ने अपने साथ स्वप्निल जैन, लूप लाइन में पड़े तीन आईएएस, दो आईपीएस, सात नेताओं को शामिल किया था। टीम दिखाने के लिए एनजीओ के नाम पर काम करती दिखती थी और अपनी स् वयंसेवी संस् था के लिए इस काले धंधे से पैसा बनाती थी।

40 लोग हुए ब्लैकमेल
पुलिस के सामने गिरोह के सदस्यों व श् वेता ने यह बात कबूली है कि उन लोगों ने अब तक 40 लोगों को हनी ट्रैप कर ब्लैकमेल किया है। इन् होंने रसूखदारों के नाम बताए हैं जिन्हें ब्लैकमेल कर तगड़ी राशि ऐंठी गई है। पुलिस ने अभी किसी नाम का अधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है। लेकिन इसमें दो पूर्व सीएम, 2 मंत्री, 3 पूर्व मंत्री, 1 पूर्व सांसद, 15 आइएएस, 8 आइपीएस के साथ ही 10 बड़े बिल्डर और कारोबारी शामिल हैं। बरामद वीडियो क्लीपिंग्स की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में पता चला है कि टारगेट पर कुल 100 नेता, अफसर और उद्योगपति थे। अपने टारगेट को लेकर इस गिरोह ने बाकायदा एक सूची बना रखी थी, जिसमें योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर लोगों को हनीट्रेप में फंसाया जाता था। टीम सदस् यों के बीच सभी के काम बंटे हुए थे। कॉल डीटेल्स के माध्यम से 50 से ज्यादा महिलाओं के नंबर भी एटीएस को मिले हैं। इनका भी उपयोग ये शिकार फंसाने में करती थी। पूरा गिरोह लंबे समय से भोपाल और इंदौर में सक्रिय था। हनीट्रैप गैंग और उसका शिकार हुए लोगों पर इनकम टैक्स विभाग की भी नजर है। आरोपी युवतियों ने इतने कम समय में कैसे और कितना पैसा कमाया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही शिकार हुए लोगों के बारे में भी विभाग पुलिस से जानकारी लेगा।

जब सरकार बदल गई तो श्वेता विजय जैन को समझ आ गया कि अब एक नई टीम बनानी होगी और उसने अपनी सोच को अमलीजामा पहनाते हुए टीम बी बनाई। इसकी मुखिया कांग्रेस में रसूख रखने वाली बरखा को बनाया गया। इसकी मदद से आरती दयाल को सहयोगी बनाया। उसने करीब 19 लड़कियों को जोड़ा, जिनकी सक्रियता राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में दिखाई नहीं देती थी। इन युवतियों के साथ भी कई नेताओं, अफसरों और अन् य लोगों के संबंध बनाते हुए वीडियो क्लिप पुलिस को बरामद हुए हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) प्रमुख संजीव शर्मा की टीम इस मामले में अब पुराने केसों की भी कुंडली खंगाल रही है।

आरती दयाल : मूलत: छतरपुर की रहनेवाली है। एनजीओ के नाम पर अब तक यह कृषि, ग्रामीण पंचायत विभाग से मोटा फंड ले चुकी है। इसके अलावा भी कई लोगों से इस एनजीओ के नाम पर पैसा वसूलती थी। वल् लभ भवन में बैठनेवाले कई आईएएस के साथ फील् ड के कई प्रशासनिक अधिकारियों से सीधा संबंध रखती थी। मीनाल रेसीडेंसी में आलीशान μलैट, होशंगाद रोड पर प् लॉट एवं लाखों की ज् वैलरी के साथ बहुत कुछ है इसके पास।

श्वेता विजय जैन : भाजपा में सक्रिय रही। एक पूर्व सीएम को फंसाने में इसका नाम सबसे ऊपर आया है। मिनाल रेसीडेंसी में बंगला। एनजीओ का संचालन। एक कंपनी की संचालिका। करोड़ों की मालकिन। कई आईएएस अधिकारियों से संबंध। सागर के एक कलेक् टर की पत् नी ने रंगेहाथों इसे रंगरेलियां मनाते अपने पति के साथ पकड़ा था। बुंदेलखंड, मालवा-निमाड़ क्षेत्र से रहे पूर्व मंत्रियों के यहां भी इसका बहुत आना-जाना रहा।

बरखा भटनागर सोनी : पति अमित सोनी कांग्रेस की आईटी सेल में लंबे समय तक रहा है। एनजीओ के नाम पर तगड़ी फंडिंग इकट्ठी की। निमाड़ के एक नेता के साथ कांग्रेस में आई। वर्तमान में दो मंत्रियों के साथ एक पूर्व प्रदेश अध् यक्ष की बहुत नजदीक। लाईजनिंग में सक्रिय।

श्वेता स्वप्निल जैन : भोपाल की पॉश कॉलोनी रिवेयरा में एक पूर्व मंत्री के बंगले में 35 हजार रुपये माह के किराए पर रह रही है। भाजपा के कई नेताओं से सीधा संबंध। ब् लैकमेलिंग के जरिए कई करोड़ बनाए। एक पूर्व सांसद की सीडी बनवाई, जिसका खूब हल् ला हुआ। विधानसभा चुनाव के पहले एक नेता ने 10 माह के लिए दुबई भेजा था, जहां से ये अभी कुछ माह पहले ही वापिस आई। आईएएस अफसरों की पो स्टिंग और ट्रांसफर में दखल। अब तक कई पिस् टल लाइसेंस बनाने में भूमिका सामने आई है।

मोनिका यादव : राजगढ़ निवासी, एक गरीब परिवार से ताल् लुक रखती है। बीएससी की पढ़ाई कर रही है। उम्र 18 वर्ष से थोड़ा अधिक। मोबाइल पर बातों और मैसेज से लोगों को अपने मोह जाल में फांसने का काम करती थी। मोनिका भोपाल बाइपास स्थित सागर लैंडमार्क सोसाइटी μलैट नंबर 112 में किराए पर रहती है।

बताया तो यहां तक जा रहा है कि पिछले एक सप् ताह में चार हजार फाइलें पुलिस के हाथ लगी हैं, जिनमें नेताओं और अफसरों के शारीरिक संबंध बनाते हुए वीडियो, अश्लील चैटिंग करते हुए स्क्रीन शॉट और कई आॅडियो क्लिप हैं। बरामद फाइलों की संख्या बढ़ भी सकती है। एसआईटी की सदस्य और इंदौर की एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा का कहना है कि कई बड़े लोगों को इन लोगों ने फंसाया है। इन्होंने शिकार तलाशने, उनसे जुड़ी सूचनाएं एकत्रित करने के लिए अलग-अलग फील्ड से जुड़ी युवतियों को अपने गिरोह में शामिल किया हुआ था। इस मामले में हेड कांस्टेबल की एक बेटी की शिकायत भी क्राइम ब्रांच में पहले हो चुकी थी। वहीं, तीन आइएएस की पत्नियां भी श्वेता विजय जैन की करीबी थीं। यह महिलाएं अक्सर श्वेता के साथ देखी जाती थीं।


 
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