खेल

धोनी मामले पर आईसीसी सख्त, लगा सकती है जुर्माना

08/06/2019

सुनील

नई दिल्ली, 08 जून (हि.स.)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी द्वारा अपने विकेट कीपिंग दस्ताने पर भारतीय सेना के बलिदान बैज लगाने का मामला बढ़ता ही जा रहा है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा धोनी के समर्थन में लिखे पत्र के जवाब में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने स्पष्ट कहा है कि खेल के दौरान सेना और राजनीतिक पार्टियों के प्रतीकों का इस्तेमाल नियमों के खिलाफ है और धोनी ने नियम तोड़े हैं। इससे पहले जिन्होंने भी ऐसा किया हैउन्हें जुर्माना या प्रतिबंध झेलना पड़ा है। हालांकिआईसीसी ने अभी जुर्माने की बात नहीं कही है। इस पर आईसीसी जल्द ही फैसला करेगी।

क्या कहते हैं आईसीसी के नियम :

आईसीसी के नियमों के अनुसार,  दस्तानों पर पर सिर्फ निर्माता कंपनी के दो लोगो लगाए जा सकते हैं। पहला लोगो 12.9 वर्ग सेमी और दूसरा 38.71 वर्ग सेमी का होता है। यदि कोई खिलाड़ी पहली गलती करता हैतो उसे नियमानुसार चेतावनी मिलती है या जुर्माने के तौर पर 25% मैच फीस चुकानी पड़ती है। उसके बाद हर गलती पर जुर्माना 25%-25% बढ़ता जाता है। इंग्लैंड के मोईन अली ने 2014 में 'सेव गाजाका बैंड पहना था। उन पर जुर्माना हुआ। एक मैच का प्रतिबंध भी लगा था।

सुनील गावस्कर-अजहरूद्दीन ने कहा,धोनी को नियमों के खिलाफ नहीं जाना चाहिए था-

इस पूरे मामले पर कई खिलाड़ी धोनी के पक्ष में आए तो कई खिलाड़ियों ने उन्हें नसीहत भी दे डाली। इस पूरे मामले पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा कि यदि आईसीसी नियम के खिलाफ जाकर धोनी को विकेटकीपिंग गलब्स पर  'बलिदान बैजचिन्ह को रखने की अनुमती देता तो दूसरे देश के क्रिकेटर भी ऐसा कुछ वर्ल्ड कप के मैचों के दौरान करते थे।

गावस्कर ने कहा कि यदि आप ऐसा कुछ करना चाहते हैं तो आईसीसी जब नियम बना रही था तो उस समय अपको इसके बारे में बात करनी चाहिए। जब एक बार नियम पास हो गए तो आप फिर ऐसा कुछ नहीं कर सकते हैं। गावस्कर के अलावा पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने भी मांना कि धोनी को नियम नहीं तोड़ना चाहिए था।

राजीव शुक्ला ने किया धोनी का समर्थन

इंडियन प्रीमियर लीग के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने धोनी का समर्थन करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि आईसीसी को अपने स्टैंड पर पुनर्विचार करना चाहिए। धोनी ने कुछ भी नहीं किया हैजो नियमों और विनियमों का उल्लंघन करता है।"

लेफ्टिनेंट जनरल चेरिश मैथसन ने भी किया धोनी का बचाव

सेना के दक्षिण पश्चिमी कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल चेरिश मैथसन ने कहा है कि विश्व कप के दौरान अपने दस्ताने पर सेना का बलिदान चिन्ह पहनना भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का निजी फैसला है।

यह है पूरा मामला –

उल्लेखनीय है कि विश्व कप में भारतीय टीम के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ धोनी ने जो दस्ताने पहने थेउन पर सेना का बलिदान बैज बना हुआ था। इस पर आईसीसी ने बीसीसीआई से अपील की है कि वह धोनी को दस्तानों से लोगो हटाने को कहे। आईसीसी का कहना है कि नियमों के मुताबिक किसी भी अन्य प्रतीक वाली चीजों को मैदान पर नहीं पहना जा सकता। हालांकि बीसीसीआई ने इस मसले पर धोनी का समर्थन करते हुए इस संबंध में आईसीसी को पत्र भी लिखा था।  

हिन्दुस्थान समाचार