राम जन्मभूमि

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दिल्ली में विहिप के नवम्बर में प्रस्तावित बैठक में शामिल होगें तीन सौ सन्त,श्रीराम मंदिर निर्माण पर होगी गहन चर्चा : चम्पत राय

02/10/2020

प्रयागराज,02 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली में विश्व हिन्दू परिषद की 10—11 नवम्बर को होने वाली बैठक में देश के प्रमुख तीन संत सामिल होंगे। बैठक में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए होने वाले खर्च पर गहन चर्चा की जाएगी। यह जानकारी शुक्रवार को विहिप के प्रान्त कार्यालय केसर भवन में पत्रकारों को विहिप के केन्द्रीय उपाध्यक्ष एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सचिव चम्पत राय ने दी। 

उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में जमीन के अन्दर बारह सौ पाइलिंग का पहले निर्माण होगा। एक पिलर एक मीटर मोटा एवं लगभग सौ​ फिट उसकी गहराई होगी। अबतक दो पिलर बनाए गए है। एक माहबाद उसकी मजबूती का परीक्षण किया जाएगा। पाइलिंग का कार्य पूरा होने के बाद पांच फिट मोटी पत्थर युक्त प्लेट फार्म तैयार किया जाएगा। उसके बाद मंदिर का प्रथम तल बनेगा। उसके बाहर चारो ओर परिक्रमा, परकोटा बनेगा। पुरा मंदिर पांच एकड़ में बनेगा। पूरी जमीन 70 एकड़ है। जिसमें मंदिर का पूरा होने के बाद ही दूसरा कार्य किया जाएगा। मंदिर का निर्माण कार्य तीन वर्ष में पूरा होगा। 

श्री राम मंदिर निर्माण में लगेंगे पांच सौ मजदूर

श्री राय ने बताया कि लान्सनन्योरो कम्पनी के इंजीनियर, 26 मई को वहां पहुंच चुके है। निर्माण कार्य में पांच सौ मजदूर लगेंगे। डिजाइनर एवं इन्जीनियर मजबूती के लिए सीमेन्ट में राख एवं अभ्रक मिलाने के लिए चेन्नाई में रिसर्च जारी है। 

दिल्ली में प्रस्तावित बैठक का मंदिर निर्माण के लिए धन कैसे आए विहिप का मुख्य मुद्दा

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सचिव चम्पत राय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने जिस समय मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। इस कार्यक्रम में बहुत से सन्तों को हम कोराना की वजह से नहीं बुला सके। जिससे वह नाराज भी है। उन्हें मनाने एवं ​निर्माण के लिए धन कैसे आए इस पर चर्चा करने के लिए देश के प्रमुख तीन सौ सन्तों को दिल्ली में 10-11 नसम्बर को होने वाली बैठक में बुला रहें है। जिसमें एक संन्त ने अपना विचार व्यक्त किया है कि देश के 11 करोड़ लोगों से सम्पर्क करके स्वैचिक सहयोग करने की अपील करेंगे। इन्ही सब मुद्दो पर योजना बनाने के लिए बैठक आयोजित की गई है। 

हिन्दुस्थान समाचार/राम बहादुर  


 
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