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धनतेरस पर फीकी रही सर्राफा बाजार की रौनक, सोने-चांदी की बिक्री 40 फीसदी तक घटी

25/10/2019


नई दिल्‍ली, 25 अक्‍टूबर (हि.स.)। दीपावली जैसे बड़े त्याेहार की गहमागहमी इस बार बाजारों में कहीं भी देखने को नहीं मिल रही। सभी तरह के व्यापारों में गहरी मंदी छाई हुई है। दीपावली से एक दिन पहले धनतेरस के अवसर पर सर्राफा बाजार की रौनक भी शुक्रवार को फीकी रही।

धनतेरस के त्योहारी दिन व्यापारियों, खास तौर पर सोना चांदी, बर्तन, किचन इक्विपमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स के कारोबारियों को व्यापार में खासी बढ़ोतरी की उम्मीद थी लेकिन देशभर में कारोबार आज  भी बेहद सुस्त रहा और ग्राहकों की कमी दिखी।

कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की गोल्ड एंड ज्वेलरी कमेटी के चेयरमैन पंकज अरोरा ने देशभर के विभिन्न बाज़ारों के व्यापारियों से बातचीत के आधार पर कहा कि पिछले साल के मुकाबले धनतेरस के अवसर पर सोना चांदी के व्यापार में लगभग 35 से 40 फीसदी की गिरावट दर्ज़ की गई है, जो कि बेहद चिंता का विषय है। उन्‍होंने कहा कि देशभर के सोना और चांदी के बाजारों में ग्राहक बेहद कम रहे और केवल शगुन के तौर पर ही लोगों ने सोना-चांदी ख़रीदा। धनतेरस के दिन सोना-चांदी की खरीदारी बेहद शुभ माना जाता है लेकिन आर्थिक मंदी ने बाजार की कमर तोड़ कर रख दी है।

अरोड़ा ने बताया कि पिछले साल सोने का भाव 32,500 रुपये प्रति दस ग्राम था, जबकि इस साल सोने का भाव 39,500 रुपये प्रति दस ग्राम रहा। वहीँ, चांदी की कीमत पिछले साल 39,000 रुपये प्रति किलो ग्राम था, जबकि इस साल चांदी का भाव 48000 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। उन्‍होंने कहा कि पिछले साल धनतेरस के दिन करीब 17 हजार किलोग्राम सोने की बिक्री हुई थी, जिसकी कीमत लगभग 5500 करोड़ रुपये थी, जबकि इस साल करीब 6 हजार किलोग्राम चांदी का व्यापार हुआ, जिसकी कीमत करीब 2500 करोड़ रुपये है।

इस मौके पर कैट के महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया की कमोबेश यही हाल बर्तन, किचन इक्विपमेंट और इलेक्ट्रॉनिक्स के व्यापार का है। इनका कारोबार में भी पिछले साल के मुकाबले करीब 40 फीसदी की गिरावट रही। उन्‍होंने कहा कि धनतेरस के अवसर पर इन वस्तुओं की खरीदी बेहद शुभ मानी जाती है और सभी वर्गों के लोग इन वस्तुओं की खरीद धनतेरस पर अवश्य करते हैं लेकिन धनतेरस के दिन इन वस्तुओं की कोई ख़ास कारोबारी न होने से दिवाली को लेकर व्यापारियों का उत्‍साह ज्‍यादा नहीं रहा। खंडेलवाल ने कहा की यदि समय रहते सरकार देश के खुदरा व्यापार की ओर ध्यान नहीं दिया तो देश के रिटेल कारोबार बुरी तरह पस्त हो जाएगा, जिसका प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

हिन्‍दुस्‍थान समाचार/प्रजेश शंकर


 
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