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कोयला क्षेत्र में कमर्शियल माइनिंग की छूट, 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान

16/05/2020

प्रजेश शंकर

नई दिल्‍ली, 16 मई (हि.स.)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत चौथी किस्त के पैकेज का ऐलान किया। सीतारमण ने शनिवार को आर्थिक पैकेज के एजेंडा में रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की बात दोहराने के  साथ ही आठ सेक्टर्स में बदलाव के लिए कई अहम फैसले का भी ऐलान किया है। वित्‍त मंत्री ने इनमें से एक कोयला क्षेत्र और खनन के क्षेत्र में कई सुधारों की भी  घोषणा की।

वित मंत्री ने खनिज क्षेत्र में निजी निवेश की बढोत्तरी, विकास और रोजगार को बढ़ाने के उद्देश्य से संरचनात्मक सुधारों पर जोर दिया है। उन्‍होंने कोयला के क्षेत्र में कम‍र्शियल माइनिंग को लागू करने का ऐलान किया है, जिससे इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा का भाव आएगा, पारदर्शिता बनेगी और काम में तेजी आएगी। निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह रेवेन्यू शेयरिंग मैकेनिज्म पर आधारित होगा। उन्‍होंने साथ ही कोयला क्षेत्र में 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया। इसके अलावा 2023-24 तक कोल इंडिया के लिए प्रोडक्‍शन का लक्ष्य एक अरब टन रखा गया है।

पैकेज के चौथी किस्‍त का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि कमर्शियल माइनिंग का लक्ष्य कोयले के आयात को घटाना है। उन्‍होंने कहा कि सरकार का मकसद इस सेक्टर में घुसने के रास्ते को आसान बनाना है। इसके लिए शुरू में 50 कोल ब्लॉक को कमर्शियल माइनिंग के लिए शुरू किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि इसके लिए एलिजिबिलिटी की कोई क्राइटेरिया नहीं होगी। इसके साथ ही 500 माइनिंग ब्लॉक की खुली नीलामी की जाएगी। 

वित मंत्री ने इसके साथ ही एल्युमिनियम इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बॉक्साइट और कोल मिनरल्स ब्लॉक की संयुक्त नीलामी करने का भी ऐलान किया। उन्‍होंने कहा कि इससे एल्युमिनियम उद्योग को बिजली की लागत में कमी लाने में मदद मिलेगी। सीतारमण ने बताया कि खनन पट्टे के स्थानांतरण और अधिशेष खनिजों की बिक्री के लिए कैप्टिव (खुद के इस्तेमाल के लिए) और नॉन-कैप्टिव खानों के अंतर को समाप्त किया जाएगा। ताकि, इससे दक्षता और उत्पादन बढ़ाया जा सकेगा।

हिन्‍दुस्‍थान समाचार



 
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