युगवार्ता

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भूख को हराने की जिद

04/05/2020

भूख को हराने की जिद

राकेश सिंह

जिंदगी दरवाजों के भीतर कैद हो गई है। हालांकि पेट की आग कहां थमती है। ऐसे में हर घर में चूल्हा जले। इसके लिए अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह अपने सहयोगियों के साथ दिन रात जुटे हुए हैं।

राकेश कुमार सिंह

आफत बड़ी है, सांसत भी कम नहीं हैं, सब कुछ थम सा गया है। जिंदगी ठहर सी गई। दरवाजों के भीतर कैद हो गई है। सब कुछ थम जाय, लेकिन पेट में लगी भूख की आग कहां थमती है, कहां रुकती है, वह आग तो अन्न से ही बुझती है। इसी अनाज सेवा के जरिए अयोध्या में सेवा का दीया जल रहा है। वह भी बड़ी गुमनामी से। अनाज जिसके घर पहुंच रहा है, सिर्फ वही इस दिए को महसूस कर रहा है। आफत और सांसत में फंसी गरीबों के घरों पर अंधेरों ने डेरा डाला, तो सेवा का दीया भी जल उठा। यह दीया अलहदा किस्म का है। इस दिए में लोकेषणा की जरा सी भी ललक नहीं। सेवा एवं दान की उस धवल परंपरा का निर्वहन जिसमें दाहिना हाथ करे और बाएं हाथ को पता तक न लगे। यह दीया जलाया है अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह ने।

हर घर में चूल्हा कैसे जले। चुल्हे की राख ठंडी न पड़े, ऐसी कोशिशों में ये अपने सहयोगियों के साथ दिन रात लगे हुए हैं। राशन वितरण की जिम्मेदारी ओमप्रकाश सिंह, मनोज वर्मा, मनमोहन जायसवाल, अमन तिवारी आदि निभा रहे हैं। 25 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा होते ही 26 की अल सुबह शहादतगंज स्थित सांसद लल्लू सिंह के आवास पर संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। समूचे लोकसभा क्षेत्र में जरूरतमंद परिवारों की सूची बनाने का निर्णय हुआ। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि गरीबों की सूची अत्यंत गोपनीय रखने व उनकी सहायता को किसी भी कीमत पर सार्वजनिक नहीं करने का निर्णय हुआ।

27 मार्च को सूची के अनुसार जरूरतमंदों को राशन पैकेट वितरण शुरू हो गया। अभी तक पांच हजार राशन पैकेट का वितरण अयोध्या, फैजाबाद, बीकापुर, गोसाईंगंज, रूदौली एवं मिल्कीपुर आदि स्थानों पर किया जा चुका है। राशन के एक पैकेट में दस किलो चावल, पांच किलो आटा, तीन किलो आलू, एक किलो प्याज, दस पुड़िया मसाला, एक किलो नमक, एक किलो चीनी, आधा किलो तेल, एक किलो दाल व साबुन आदि होता है। इसके अलावा चार स्थानों अयोध्या में मीरापुर पशु चिकित्सालय परिसर, रायगंज में प्रेमनाथ मांझी का गोदाम, फैजाबाद में पंचशील होटल व रिकाबगंज में गोयल इम्पोरियम में लंच पैकेट बनाकर वितरित किये जा रहे हैं। प्रतीक श्रीवास्तव, रत्नेश मिश्रा, धनंजय वर्मा, ध्रुव गोयल आदि सेवाभावियों ने अभी तक 35900 लंच पैकेट वितरित किए। गौरतलब है कि अयोध्या के जिलाधिकारी को 28 मार्च से 3 अप्रैल तक प्रतिदिन 400 लंच पैकेट व इसके बाद प्रतिदिन 100 पैकेट लोगों के वितरण के लिए दिए जा रहे हैं। इसके अलावा फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र के मंडल इकाइयों को 20,000 मास्क व 100 रुपये वाली सेनेटाइजर पैक दीया गया है।

पीएम केयर्स में अभी तक सांसद लल्लू सिंह को 190 लोगों ने 14 लाख रुपये चेक से दीया है जिसे जमा किया जा चुका है। साथ ही सांसद ने संगठन के जरिए नगर में वार्ड वार व ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत वार जरूरतमंदो की सूची बनवाई। इसमें मुख्यत: अपंजीकृत मजदूरों पर विशेष फोकस किया गया। यह सूची हर दूसरे दिन जिलाधिकारी को दे दी जाती है। अभी तक कुल 50,000 लोगों की मोबाइल नंबर सहित सूची जिलाधिकारी को दी जा चुकी है। इसके अलावा अयोध्या में साधुओं की तादात बहुत अधिक है। उनके बीच भी सेवा का कार्य चल रहा है। सरयू नदी के किनारे रहने वाले साधू संन्यासियों को भी राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, क्योंकि ज्यादातर साधू एवं संन्यासी स्वपाकी संस्कृति में रचे बसे लोग हैं। बहरहाल, दीया जलता है उसकी सिर्फ रोशनी दिखती है। लेकिन उस उजियारे के लिए तेल जलता है। तेल समाप्त हो जाए तो बाती जलती है। बाती का रेसा रेसा जलता है। कबीर के शब्दों में घर फूक जैसा फक्कड़ाना अंदाज, सिर पर टिन की चादर, चाहे वह घर हो या दिल्ली के लुटियन का 23 नंबर फिरोजशाह की कोठी। उनके करीबी घरफूंक अंदाज से अजीबोगरीब किस्म के किस्से बयां करते रहते हैं। यह कोई नया काम लल्लू सिंह नहीं कर रहे। वह तो अयोध्या की परंपरा को निभा रहे हैं। उस परंपरा को जिसे गोस्वामी तुलसीदास कहते हैं। सहज सनेह स्वामि सेवकाई। स्वारथ छल फल चारि बिहाई॥ अग्यासम न सुसाहिब सेवा। सो प्रसादु जन पावै देवा॥ आज स्वामी तो अयोध्या की जनता ही है, जिसकी सेवा में अयोध्या के सेवक लल्लू सिंह लगे हैं।


 
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