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वित्त वर्ष 2018-19 में रिलायंस निजी क्षेत्र में और ओएनजीसी सरकारी क्षेत्र में मुनाफा कमाने में बनी नम्बर वन

02/06/2019

गोविन्द
नई दिल्ली, 02 जून (हि.स.)।देश की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी की सूची में निजी क्षेत्र की रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले पायदान पर है। वित्त वर्ष 2018-19 में  कंपनी ने 39,588 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है। जबकि सार्वजनिक क्षेत्र (पीएसयू) में देश की महारत्न कंपनियों में से एक तेल और प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ओएनजीसी) ने तेल विपणन क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) को पछाड़कर सबसे अधिक मुनाफे में रहने वाली पीएसयू कंपनी का तमगा अपने नाम कर लिया है। 
रविवार को सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय परिणामों के जारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 में ओएनजीसी का शुद्ध लाभ 34 फीसदी बढ़कर 26,716 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान इंडियन ऑयल का शुद्ध लाभ  17,274 करोड़ रुपये रहा । इससे पहले लगातार दो वित्त वर्ष के दौरान इंडियन ऑयल ने ओएनजीसी से अधिक मुनाफा अर्जित किया था। वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान इंडियन ऑयल का शुद्ध मुनाफा 21,346 करोड़ रुपये रहा था। इस दौरान ओएनजीसी को 19,945 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था। 
जारी आंकड़ों के अनुसार मुकेश अम्बानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड लगातार चौथे साल सर्वाधिक मुनाफा कमाने वाली भारतीय कंपनी बनी हुई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज को वित्त वर्ष 2018-19 में 39,588 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। इस दौरान उसका कारोबार 6.23 लाख करोड़ रुपये रहा। इसकी तुलना में इंडियन ऑयल का कारोबार 6.1 लाख करोड़ रुपये रहा। रिलायंस अब राजस्व, मुनाफा और बाजार पूंजीकरण के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी कंपनी है। रिलायंस का बाजार पूंजीकरण 8,42,933.64 करोड़ रुपये है। पिछले वित्त वर्ष में रिलायंस का राजस्व 44 फीसदी बढ़ा। वित्त वर्ष 2010 से 2019 के दौरान रिलायंस का राजस्व सालाना 14 फीसदी से अधिक की दर से बढ़ा। इसकी तुलना में इंडियन ऑयल का राजस्व वित्त वर्ष 2018-19 में 20 फीसदी बढ़ा तथा 2010 से 2019 के दौरान सालाना 6.3 फीसदी की दर से बढ़ा।
उल्लेखनीय है कि एक दशक पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का आकार इंडियन ऑयल की तुलना में आधा था, लेकिन बाद में कंपनी ने दूरसंचार, खुदरा और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में कारोबार की शुरुआत की, जिससे उसे तेजी से विस्तार करने में मदद मिली।
हिन्दुस्थान समाचार


 
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