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दाऊद को दबोचने का आखिरी दांव

06/07/2019

रमेश ठाकुर
अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम को पकड़ने का आखिरी दांव खेला जा चुका है। केंद्र सरकार ने उसे पकड़ने के लिए विगत कुछ सालों में जो नीतियां बनाई हैं, उस सफल विदेश नीति की एक सुखद तस्वीर सामने आई है। दाऊद इब्राहिम को लेकर अमेरिका ने भारत का साथ देने के लिए कुछ पुख्ता और नवीनतम जानकारियां साक्षा की हैं। सौ फीसदी अब तय हो चुका है कि दाऊद इब्राहिम इस वक्त पाकिस्तान के कराची में मौजूद है। ‘डी‘ कंपनी के नाम से पहचाने जाने वाला देश-दुनिया का कुख्यात आतंकी दाऊद इब्राहिम के किले में आखिरी कील चुभो दी गई है। उसे खदेड़ने में इसबार अमेरिका भारत की मदद करेगा। एफबीआई ने दाऊद का नया पता ढूंढ लिया है। अमेरिकन जांच एजेंसी एफबीआई ने भारतीय जांच एजेंसियों से दाऊद इब्राहिम के कराची में होने के संबंध में पुष्ट खबरें भेजी हैं। एफबीआई की भेजी जानकारियों के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह से चौकन्नी हो गई हैं। हालांकि पाकिस्तान हमेशा से इनकार करता आया है कि उनकी सरजमीं पर इंडिया का मोस्टवांटेड अपराधी दाऊद इब्राहिम की मौजूदगी नहीं है। यही बात नए निजाम इमरान खान ने भी कुछ समय पहले दोहराई थी, जिसे भारत ने हर बार की तरह नकार दिया था। हो सकता है नई जानकारियों पर भी पाकिस्तान पर्दा डालने की कोशिश करे।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक एफबीआई की सूचना को पाकिस्तान से भी साझा किया जाएगा। हो सकता है उसके बाद वहां की हुकूमत खुद दाऊद इब्राहिम पर करवाई कर, उन्हें भारत को सौंप दे। अगर इस तरह की पहल वहां से होती है तो निश्चित रूप से दोनों मुल्कों के दरम्यान तल्खियां कम होंगी। सौहार्द्र के रास्ते खुल सकेंगे। पाकिस्तान के प्रति भारत का नजरिया भी बदलेगा लेकिन शायद पाकिस्तान यह मौका भी गंवा देगा। दाऊद के संबंध में नई जानकारियों को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कोई नहीं बात नहीं। इसमें कोई शक नहीं कि दाऊद कराची में है और दुनिया को पता है दाऊद कराची में चैन से रह रहा है। वहां की मौजूदा व पूर्व की सरकारों की तरफ से उसे पूरा संरक्षण मिलता रहा है। क्योंकि वह सरकारों के लिए आतंकी धर्म निभाता रहा था। इस्लामिक मुल्कों से मोटी रकम दाऊद इब्राहिम के जरिए ही आती रही।
दरअसल, भारत में अपराधियों पर कार्रवाई को लेकर कल्चर में बदलाव हुआ है। इस बदले माहौल की भनक दाऊद इब्राहिम को भी है। उसे पता है कि उसे पकड़ने के लिए अमेरिका भारत का सहयोग कर रहा है। दाऊद को ये बात ठीक से पता है कि देर-सवेर उस पर करवाई की जा सकती है। दो दिन पहले ही इमरान खान ने आतंकी हाफिज सईद पर कई मुकदमे दर्ज कराए थे, उससे भी दाऊद सहमा हुआ है। उसको लगता है कि कहीं पाकिस्तान की हुकूमत अमेरिका के दबाव में आकर उसे भी न खदेड़ दे। अपनी चुनावी रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मर्तबा जिक्र कर चुके हैं कि दाऊद इब्राहिम एकदिन भारत की गिरफ्त में होगा। दाऊद को पकड़ने के लिए वह एक विशेष रणनीति पर काम कर रहे हैं। शायद उसकी अंतिम तिथि नजदीक आ चुकी है।
एफबीआई की कुछ सूचनाएं छनकर बाहर आई हैं, जिससे पता चला है कि दाऊद इब्राहिम बढ़ती उम्र के साथ अब पूरी तरह से निढाल होकर अंतिम पड़ाव पर जा पहुंचा है। बीपी, शुगर जैसी कई बीमारियों से ग्रस्त है। चलना-फिरना भी उसके लिए मुश्किल होता है। गृह मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि अगर अंतराष्ट्रीय स्तर से पाकिस्तान पर ज्यादा दवाब पड़ा तो मौजूदा सरकार उसे ढोने की बजाय भारत को सौंपना ही समझदारी समझेगी। खबरें ऐसी भी हैं कि पाकिस्तान दाऊद के जरिए कई अनैतिक कामों को अबतक अंजाम देता रहा है। कई इस्लामिल मुल्कों में उनका रियल एस्टेट का कारोबार फैला है लेकिन इसके बावजूद दाऊद अब पाकिस्तान की जरूरत नहीं रहा। भारत और अमेरिका दाऊद इब्राहिम को पकड़ने के लिए एक रणनीति तैयार कर रहे हैं। अगर रणनीति सफल हुई तो इसबार दाऊद का बचना मुश्किल होगा। मोदी सरकार ने पहले ही प्रण लिया हुआ है कि एकदिन दाऊद इब्राहिम भारत के शिकंजे में होगा। हालांकि उस दिशा में कदम बढ़ाया जा चुका है।
अमेरिका अगर ईमानदारी से दाऊद इब्राहिम को पकड़ने के लिए भारत का साथ देगा, तो उसे पकड़ना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा। अमेरिका ने जिस तरह से ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में घुसकर ढेर किया था, उसी तरह दाऊद इब्राहिम को भी जिंदा या मुर्दा अपने कब्जे में ले सकता है। हो सकता है इस काम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी उसका साथ दें। हालांकि उनपर ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता। अमेरिका की सूचना पर पाक विदेश मंत्रालय ने खंडन किया है। इसबार भी उनका कहना है कि अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में नहीं है। जबकि एकदिन पहले ही ब्रिटेन की एक अदालत को बताया गया था कि 1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में वांछित यह गैंगेस्टर फिलहाल पाकिस्तान में है। 
अमेरिका के मुताबिक दाऊद आतंकी संगठन अलकायदा से करीबी संबंध रखता था। तभी उसे अमेरिका ने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। दाऊद का एक बड़ा सहयोगी जाबिर धन शोधन, वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी की साजिश रचने के आरोपों को लेकर अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने के मुकदमे का सामना कर रहा है। जाबिर को स्कॉटलैंड यार्ड के अधिकारियों ने अगस्त 2018 को लंदन के एक होटल से गिरफ्तार किया था। उसके हवाले से दाऊद इब्राहिम के संबंध में कई जानकारियां एफबीआई के हाथ लगी हैं। 1993 के मुंबई बम धमाकों में मारे गए सैकड़ों परिजनों के घाव में तभी मरहम लग सकेगा, जब दाऊद इब्राहिम हमारी सुरक्षा एजेंसियों के कब्जे में होगा। हालांकि इस दिशा में केंद्र सरकार हरसंभव कोशिशें कर रही है। दाऊद इब्राहिम को जिंदा पकड़ने के लिए भारत, अमेरिका के अलावा कई दूसरे मुल्कों के संपर्क में है। अमेरिकी जांच एजेंसी के हवाले से जो नई सूचनाएं हमारे खुफिया तंत्र को मिली है उससे एक उम्मीद जगी है कि ये सूचनाएं दाऊद इब्राहिम तक पहुंचाने में मददगार होंगी। समूचा भारत उस घड़ी का इंतजार कर रहा है जब दाऊद इब्राहिम हमारी पकड़ में होगा।
(लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।)


 
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