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एनएसयूआई ने डीयू प्रशासन से की परिणामों में विसंगतियां ठीक करने की मांग

21/05/2020

प्रभात मिश्रा

नई दिल्ली, 21 मई (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) प्रशासन से परीक्षा परिणामों में विसंगतियों पर सख्त कदम उठाने की मांग की है। साथ ही जिन छात्रों के परिणाम बदल दिए गए हैं, उन्हें अगले सेमेस्टर में प्रोन्नति और पुनर्मूल्यांकन परिणामों को सुधारने का आग्रह किया है।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव एवं मीडिया प्रभारी लोकेश चुघ ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि संगठन उन छात्रों के साथ है जो अपने सीजीपीए को प्रभावित करने वाले अप्रत्याशित परिणामों के कारण परेशान हैं। उन्होंने बताया कि डीयू प्रशासन शिक्षकों के संघ के साथ परेशानियों का सामना कर रहा है,  लेकिन इससे छात्रों के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।

चुघ ने बताया कि गार्गी कॉलेज की एक छात्रा को दो सीजीपीए मिला। इस कोरोना महामारी की स्थिति में डीयू के सभी कॉलेजों के सैकड़ों छात्र दुविधा में हैं। यह नहीं बीए अंग्रेजी (ऑनर्स) और बीए इकोनॉमिक्स (ऑनर्स) छात्रों को बड़े पैमाने पर विफलताओं की इस समस्या का सामना करना पड़ा। जहां कई छात्र एक या एक से अधिक विषयों में असफल रहे। छात्रों के पास पुनर्मूल्यांकन का विकल्प है लेकिन प्रत्येक विषय के लिए उन्हें एक हजार रुपये का भुगतान करना होगा, जो छात्रों के लिए आर्थिक रूप से तनावपूर्ण होगा। छात्रों की शिकायत है कि मूल्यांकन किए गए परिणामों में उन्हें अनुपस्थित के रूप में चिह्नित किया गया है। कुछ शिक्षक इस बात से भी सहमत थे कि मूल्यांकन प्रक्रिया के साथ कुछ चीजें सही नहीं है।

ऐसे में एनएसयूआई ने डीयू प्रशासन से पुनर्मूल्यांकन शुल्क माफ करने की मांग करते हुए कहा है कि जिन छात्रों के परिणाम बदल दिए गए हैं, उन्हें अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत किया जाना चाहिए और पुनर्मूल्यांकन परिणामों को सुधारना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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