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रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर सशक्त भारत का दिखा दम

07/03/2020

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर सशक्त भारत का दिखा दम


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 5 से 9 फरवरी तक आयोजित डिफेंस एक्सपो पूरी दुनिया में अपनी प्रभावशाली छाप छोड़ने और भारत की रणनीतिक सोच व कौशल, रक्षा क्षेत्र में उसकी आत्मनिर्भरता तथा विजन को रखने के रूप में बेहद सफल साबित हुआ। इसमें न केवल बड़ी संख्या में प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया, बल्कि नई साझेदारियां हुईं और 12 लाख से ज्यादा दर्शक शामिल हुए। साथ ही यह भी हुआ कि अब तक के सबसे भव्य इ डिफेंस एक्सपो के आयोजन और नीतियों को प्रदर्शित करने में प्रदेश सरकार के योगदान की भी धाक जमी। डिफेंस एक्सपो 2020 ने राज्य को रक्षा क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का कार्य किया। वर्ष 2017 से पहले तक कानून व्यवस्थाए शासन-प्रशासन के स्तर पर फाइलों को लटकाना, विकास में सियासत के कारण निवेशक यूपी आने के बारे में सोचते तक नहीं थे। वहीं अब 23 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने से यूपी के डिफेंस कॉरिडोर को नए निवेश हासिल करने में बड़ा प्रोत्साहन मिला है।

पांच ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर वाला भारतीय विकास
डिफेंस एक्स पो अगले पांच वर्षों में होने वाले रक्षा निर्यात के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लक्षित पांच बिलियन अमेरि की डॉलर के विकास का गवाह बना। यह बदले में भारत को पांच ट्रिलियन अमेरि की डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के उद्देश्य को प्राप्त करने में मदद करेगा। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक यह भारतीय रक्षा उद्योग को अति आवश्यक हथियार प्रदान करने वाले एक सफल नवोन्मेषक के रूप में सबसे ज्यादा हथियार आयात करने वाले भारत के टैग को हटाने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में अगले पांच वर्षों में 15,000 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को लाने के लिए भी मार्ग तैयार किया।

लखनऊ में बना रक्षा क्षेत्र में निवेश का रिकॉर्ड
डिफेंस एक्सपो में आयोजित बंधन समारोह में 13 से ज्यादा उत्पादों को लॉन्च किया गया। यह भारत में रक्षा क्षेत्र में निवेश का बड़ा ‘गेट-वे’ बना है। 40 देशों के रक्षामंत्री और सैकड़ों देशी-विदेशी उद्यमी व रक्षा विशेषज्ञों की भागीदारी वाले इस आयोजन में कुल 200 निवेश समझौते हुए हैं। डिफेंस एक्सपो में पहली बार इतने समझौते हुए हैं। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आॅर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने कंपनियों को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की। साथ ही रक्षा प्रतिष्ठान और रक्षा उत्पाद कंपनियों ने उत्पादों की लांचिंग की। इसके अलावा कई अलग.अलग हॉल में बी-टू-बी एमओयू भी हुए। बंधन कार्यक्रम में 100 के लक्ष्य के मुकाबले कुल 200 एमओयू हुए। इनमें 71 एमओयू भारत सरकार और उसके उपक्रमों के साथ किए गए। 71 में से 23 समझौते उप्र सरकार के विभाग उप्र औद्योगिक एक्सप्रेसवे प्राधिकरण (यूपीडा) के साथ हुए। यूपीडा से करार करने वाली कंपनियां यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश करेंगी।

भारतीय पैवेलियन ने छोड़ी छाप
आर्टिफिशियल इं टेलिजेंस (एआर), आॅगमेंटेड वर्चुअल रियलटी (एवीआर), स्वातयशासी प्रणालियां, सैन्य वस्तुओं को इंटरनेट के साथ जोड़ना (इंटरनेट आॅफ मिलिट्री थिंग्से या आईओएमटी) और उद्योग 4.0 जैसी प्रौद्योगिकी को इस पैवेलियन में दर्शाया गया।

दुनिया ने माना लोहा
डिफेंस एक्सपो ने भारतीय रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की इकाइयों को अपने नए उत्पादों को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया। नए उत्पादों को विकसित करने के लिए नई भागीदारी और सहभागिता से सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों को लाभ हुआ।

यूटिलिटी हेलिकॉप्टर बनेंगे ताकत
डिफेंस एक्सपो के दौरान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटिड (एचएएल) को लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर के प्रारंभिक परिचालन मंजूरी प्रमाणपत्र (आईओसी) जारी करने के रूप में एक बड़ी घोषणा की गई। लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (एलयूएच) को चीता और चेतक हेलिकॉप्टर के प्रतिस्थापन के रूप में तैयार और विकसित किया गया है। ये वर्तमान में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा प्रयोग में लाए जा रहे हैं। एलयूएच 3.टन वर्ग में एक नई पीढ़ी का हेलिकॉप्टर है जिसमें अत्याधुनिक प्रौद्योगिक विशेषताएं शामिल हैं।

‘शारंग’ गन ने बढ़ायी सामरिक ताकत
आयुद्ध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) ने 36 किलोमीटर रेंज वाली 155 एमएम की ‘शारंग’ गन को लॉन्च किया। इसका एक मॉडल थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे को सौंपा गया। आयुद्ध निर्माणी बोर्ड ‘ओएफबी’ ने 100 मीटर रेंज की जेवीपीसी अल्फा गनए 800 मीटर रेंज की लाइट मशीन गन और यूजीबीएल-अंडर बैरेल ग्रेनेड लॉन्चर को लॉन्च किया।

अमोघा-3 लॉन्च
भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) ने एंटी.टैंक गाइडेड मिसाइल अमोघा.3 को लॉन्च किया। यह ‘मानव द्वारा वहनीय, दागो और भूल जाओ’ सिद्धांत पर आधारित मिसाइल है। बीडीएल ने डीआरडीओ के तकनीकी मार्गदर्शन में निर्मित एंटी-सबमेरिन टारपीडो-वरुणास्त्र का भी प्रक्षेपण किया।

भारत की विश्व-भागीदारी का सबूत: मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘डिफेंस एक्सपो- 2020’ का आगाज करके रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने सरकार की सुलभ नीतियों, सुविधाओं और सुरक्षा का हवाला देते हुए विश्व जगत से रक्षा के क्षेत्र में निवेश का आह्वान किया। उन्होंने विश्व जगत में भारत की मजबूत उपस्थिति का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया में जब 21वीं सदी की चर्चा होती है तो स्वाभाविक रूप से भारत की तरफ ध्यान जाता है। डिफेंस एक्सपो भारत की विशालता, उसकी व्यापकता, उसकी विविधता और विश्व में उसकी विस्तृत भागीदारी का सबूत है।

तकनीक का गलत इस्तेमाल चुनौती
वृंदावन योजना के मुख्य हाल में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि टेक्नॉलॉजी का गलत इस्तेमाल हो और टेररिज्म हो या फिर साइबर खतराए ये पूरे विश्व के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। नई सुरक्षा चुनौतियां को देखते हुए दुनिया की तमाम डिफेंस फोर्सेसए नई टेक्नॉलॉजी को इवॉल्व कर रही हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है। आर्टिलरी गन्सए एयरक्राμट कैरियर, सब्मरीन, लाइट कॉम्बैट एयरक्राμट, कॉम्बैट हेलीकॉप्टर हों, ऐसे अनेक साजो-सामान आज भारत में ही बन रहे हैं। अब हमारा लक्ष्य ये है कि आने वाले पांच वर्ष में डिफेंस एक्सपोर्ट को पांच बिलियन डॉलर यानि करीब 35 हजार करोड़ रुपए तक बढ़ाया जाए।

‘सिर्फ आयात के भरोसे नहीं’
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की दूसरी बड़ी आबादी, दुनिया की दूसरी बड़ी सेना और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, कब तक सिर्फ और सिर्फ आयात के भरोसे रह सकता था। आधुनिक शस्त्रों के विकास के लिए दो प्रमुख आवश्यकताएं अनुसंधान और विकास की उच्च क्षमता तथा उन शस्त्रों का उत्पादन हैं। बीते पांच छह वर्षों में हमारी सरकार ने इसे अपनी राष्ट्रनीति का प्रमुख अंग बनाया है।

एमएसएमई को 15 हजार के पार पहुंचाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में दो बड़े डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से एक तमिलनाडु में और दूसरा यहीं उत्तर प्रदेश में हो रहा है। यूपी के डिफेंस कॉरिडोर के तहत यहां लखनऊ के अलावा अलीगढ़, आगरा, झांसी, चित्रकूट और कानपुर में नोड्स स्थापित किए जाएंगे। यहां पास में ही अमेठी के कोरबा में इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के बारे में आपने जरूर सुना होगा। भारत में डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग को और गति देने के लिएए और विस्तार देने के लिए नए लक्ष्य रखे गए हैं। हमारा लक्ष्य रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एमएसएमई की संख्या को अगले 5 वर्षों में 15 हजार के पार पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आई-डेक्स के आइडिया को विस्तार देने के लिएए इसको स्केल-अप करने के लिएए 200 नए डिफेंस स्टार्टअप शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

50 हजार करोड़ के 23 एमओयू-योगी आदित्यनाथ
डिफेंस एक्सपो की तारीख तय होने के बाद से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इसको सफल बनाने के लिए तैयारियों में जुट गई। वहीं आयोजन के दौरान विभिन्न मौकों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे उत्तर प्रदेश के लिए बहुत बड़ा अवसर बताया और निवेशकों को प्रदेश सरकार की ओर से प्रदान की जा रही सहूलियतों का हवाला देते हुए निवेश के लिए आह्वान किया। इसकी बदौलत डिफेंस एक्सपो में उत्तर प्रदेश सरकार के साथ यूपीडा के माध्यम से 50ए000 करोड़ रुपये के 23 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू कार्यक्रम को रक्षा मंत्रालय ने ‘बंधन’ नाम दिया। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में बेहतर कनेक्टिविटी, कानून व्यवस्था की मजबूत स्थिति का प्रतिफल है कि हम डिफेंस एक्सपो के माध्यम से प्रदेश में इतने बड़े पैमाने पर निवेश आमंत्रित करने में सफल रहे। इसके साथ ही ढाई से तीन लाख नौजवानों के रोजगार की संभावनाएं आगे बढ़ेंगी।

दो वर्षों की मेहनत का परिणाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में हमने रक्षा मंत्रालय से मिलकर डिफेंस कॉरिडोर से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम इस तरह से किए कि रक्षा से संबंधित विभिन्न बड़े, लघु और मध्यम उद्योग उत्तर प्रदेश में आएं। उन्होंने ‘बंधन’ कार्यक्रम के अवसर पर उपस्थित सभी उद्यमियों और रक्षा मंत्रालय के सभी अधिकारियों को आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश निवेश का एक बहुत अच्छा गंतव्य बना है।

अन्य सेक्टर के लिए पॉलिसी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने उत्तर प्रदेश में डिफेंस और एयरोस्पेस की अपनी पॉलिसी के साथ.साथ अन्य फोकस सेक्टर्स के लिए भी पॉलिसी बनाकर निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाया है। पिछले ढाई वर्षों में हमने प्रदेश में ढाई लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्रदेश में लाने में सफलता प्राप्त की है। साथ ही 33 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा है।

झांसी और अलीगढ़ में लैंड बैंक पूरी तरह बुक
डिफेंस कॉरिडोर के 06 नोड्स में से झांसी और अलीगढ़ में लैंड बैंक पूरी तरह बुक हो चुका है। हमारे बाकी 04 नोड्स में भी व्यापक संभावनाएं हैं। जेवर में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है। इसके लिए जमीन ले ली गई है। इस महीने या अगले महीने के प्रारंभ में इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। जेवर में भारत का सबसे बड़ा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनेगा। 2017 में उण्प्रण् में केवल 2 एयरपोर्ट थे जबकि आज यहां 06 एयरपोर्ट फंक्शन में हैं और वर्तमान समय में 11 एयरपोर्ट्स पर राज्य सरकार काम कर रही है। इसी तरह बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देकर औद्योगिक क्लस्टर विकसित किया जा रहा है।

निवेशकों को किया आश्वस्त
मुख्यमंत्री ने उ.प्र. शासन के साथ 23 एमओयू साइन करने वाले सभी उद्यमियों को आश्वस्त किया कि उनका निवेश न केवल भारत के रक्षा अनुसंधान और उद्योग को आगे बढ़ाने में सहायता देगा बल्कि प्रदेश के विकास में भी एक बड़ा योगदान देगा।

एग्रीमेंट से रचा इतिहास-राजनाथ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस आयोजन को अभूतपूर्व सफल करार देते हुए कहा कि डिफेंस एक्सपो भारत को विश्व पटल पर रक्षा उत्पादन हब और निर्यातक के तौर पर स्थापित करेगा। पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स, फॉरेन इक्पिमेंट मैन्युफैक्चरर्स और अन्य प्राइवेट कम्पनीज के साथ इस डिफेंस एक्स्पो के दौरान कुल एग्रीमेंट की संख्या 200 के पार चली गई है। यहां एक इतिहास रचा गया है। इस डिफेंस एक्सपो में आयोजित हुए भारत-अफ्रीकी रक्षा मंत्रियों के पहले सम्मेलन में अपनाई गई लखनऊ घोषणा डिफेंस एक्सपो 2020 की एक अभूतपूर्व उपलब्धि रही। अफ्रीका के साथ हमारी साझेदारी सभी संभावनाओं के साथ एक खुली साझेदारी है और हमारी ओर से सहयोग के लिए रास्ते खुले हैं । उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत और दुनिया के लिए सबसे बड़े रक्षा निर्यातकों में से एक है। साथ ही भारत में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति मेंए हमारा सहयोग इस सदी का सबसे बड़ा सहयोग साबित हो सकता है। रक्षा मंत्री राजनाथ ने मेडागास्कर के अपने समकक्ष मंत्री लेμिटनेंट जनरल रोकोटोनिरीना रिचर्ड के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता को सफल बताया। राजनाथ सिंह ने कहा कि समुद्री पड़ोसियों के रूप में दोनों देशों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे सुरक्षित समुद्री वातावरण विकसित करें। उन्होंने आयोजन के दौरान यूएईए ब्रिटेन, मालदीव, किर्गिस्तान तथा ओमान के रक्षा मंत्रियों से भी बातचीत की।

रोमांचकारी रहा भारत का लाइव डेमो
इस दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने लखनऊ में दो स्थानों पर लाइव प्रदर्शन किए गए। डिफेंस एक्सपो स्थल पर दर्शकों को रोमांचित करते हुए भारतीय थल सेना और भारतीय वायु सेना ने लाइव प्रदर्शन किए और भारतीय नौसेना तथा भारतीय तटरक्षक बल ने गोमती नदी पर लाइव प्रदर्शन किए। भारतीय सेना के डेयरडेविल्स द्वारा अपनी बाइक पर प्रदर्शन करनाए सूर्यकिरण जेट विमानों द्वारा उड़ान भरनाए कमांडो प्रदर्शन तथा स्काई राइडिंग प्रदर्शनों ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आर्किषत किया। उद्घाटन समारोह में सबसे पहले थल सेना के जाबांज जवानों ने मोटर साइकिलों पर प्रदर्शन कियाए जो अद्भुत नजारा पेश कर रहा था। इसके बाद वायु सेना के जवानों ने आकाशगंगा का लाइव डेमो पेश किया। इसमें वे करीब आठ हजार फिट की ऊंचाई से पैरासूट के माध्यम से नीचे उतरे। वायु सेना के एयर शो में त्रिशूल और सूर्यकिरन की एरोबेटिक टीम ने हैरतअंगेज कारनामे प्रस्तुत किये। एयर शो में फाइटर जेट सुखोई, तेजसए,जगुआर, रुद्र, धु्रव, चिनूक, डोर्नियर और मालवाहक ग्लोबमास्टर ने भी भाग लिया। इसके बाद शुरू हुआ रण भूमि का नजारा। युद्ध क्षेत्र के दृश्य में दुश्मन की सेना ने पानी और गहरी खाई जैसे तमाम अवरोध निर्मित किये थे। ऐसे में सेना के अत्याधुनिक टैंकों ने सभी अवरोधों को पार कर दुश्मन की रणनीति को असफल कर दिया।
भारतीय सेना के जवानों ने पलक झपकते अस्थाई पुल के निर्माण का भी कर्तब दिखाया। लड़ाकू हेलीकाप्टर से युद्ध क्षेत्र में कमांडो भी उतारे गये और पीछे लगी पैदल सेना के जवान दुश्मन क्षेत्र में कब्जा करते जा रहे थे। जैसे ही वे अपने मिशन में सफल होतेए ग्रीन लाइट के सिग्नल से इसका संकेत भी जारी कर रहे थे। इस लाइब शो में टैंक को पानी में कुदाने का भी प्रदर्शन किया गया। इसके लिए वहां दो बड़े गड्ढे बनाये गये थे और उनमें रंगीन पानी भरा गया था। वहीं लखनऊ में रिवर फ्रंट पर मार्कोस कमांडो ने रेस्क्यू आॅपरेशन किया। उनका प्रदर्शन लोगों के दिल में उतर गया। आसमान में गड़गड़ाते हुए हेलीकॉप्टर गोमती नगर के ऊपर जब पहुंचे तो लोगों का जोश देखने लायक था।


 
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