अपराध

Blog single photo

तेलंगाना : वारदात के मात्र 53 दिनों में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

08/08/2019

नागराज राव

-वारंगल में बच्ची के अपहरण व हत्या का मामला
हैदराबाद(तेलंगाना), 08 अगस्त (हि.स.)। एक बच्ची के अपहरण और उसकी हत्या मामले में वारंगल के फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायमूर्ति के. जयकुमार ने अपने फैसले में आरोपित प्रवीण कुमार को दोषी का करार देते हुए उसे फांसी की सजा सुनवाई।
वारंगल में 53 दिनों पहले दिल दहलेवाली घटना हुई थी। कोर्ट में दाखिल चार्जशीट के अनुसार 18 जून 2019 को हानमकोंडा इलाके में प्रवीण कुमार (22) ने नशे की हालत में रात डेढ़ बजे के करीब घर की छत पर सोई नौ महीने की बच्ची का अपहरण कर लिया। इस दौरान मासूम के परिजन सो रहे थे। रात करीब तीन बजे परिजनों ने जब बच्ची को नहीं देखा तो उसकी तलाश शुरू हुई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने अलग-अलग टीमें बनाकर उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान बच्ची के चाचा ने देखा कि आरोपित बच्चे को तौलिए में लपेटकर ले जा रहा है। जब उससे पूछताछ की तो आरोपित ने बच्ची को वहीं छोड़कर फरार होने की कोशिश की। लोगों ने उसे खदेड़कर पकड़ लिया और पुलिस को सौंपने से पहले जमकर पिटाई की। मासूम को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना से गुस्साए लोगों ने हानमकोंडा पुलिस थाने पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए आरोपित को कड़ी सजा देने की मांग की।
प्रवीण (22) पर बच्ची के यौन शोषण और गला दबाकर हत्या करने का आरोप था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 366 (अपहरण), धारा 302 (हत्या), धारा 379 (चोरी) के साथ ही पॉक्सो ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया। गुरुवार को वारंगल के फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायमूर्ति के. जयकुमार ने अपने फैसले में आरोपी प्रवीण कुमार को दोषी करार देते हुए उसे मौत की सजा सुनवाई।

हिन्दुस्थान समाचार 


 
Top