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कोरोना वायरस : विदेशों में भारतीय घरों में कैद, लौटकर आने वाले खुश

26/03/2020

कर्ण

तरावड़ी/करनाल, 26 मार्च (हि.स.)। दौलत की चाह में अपना मुल्क छोड़कर विदेशों में पहुंचे भारतीय आज कोरोना के खौफ में जी रहे हैं। ज्यादातर भारतीय विदेशी घरों में कैद हैं।बहुत से युवा करनाल जिले के हैं। इनमें कुछ तो समय रहते लौट आए थे और कुछ आज भी वहीं पर है। जो लोग लौट आए वे खुद को भाग्यशाली समझ रहे हैं। जो वहां हैं, वे अपने-अपने घरों में वहीं बंद होकर रह गए हैं।
तरावड़ी के वार्ड-2 निवासी गौरव ने बताया कि वह फरवरी माह में इटली वापस गया था। हालात बाद में खराब हुए। वह 10 साल से इटली में है। हर साल इन्हीं दिनों भारत आता है। इटली में ज्यादातर काम बंद है। सभी दुकानें और फैक्ट्रिया बंद हैं, लेकिन खेती का काम चल रहा है।

आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में रहने वाले तरावड़ी निवासी तरुण वाधवा पिछले साल वर्ष 2019 में पत्नी के साथ वहां गया था। उनके परिवार के सदस्य ने बताया कि भाई से बात हो रही है। घर में पहले ही राशन आदि लेकर रख लिया था। खुद को दिन में कई-कई बार सेनिटाइजर कर रहे हैं। घर की खिड़कियों से लेकर दरवाजे सब बंद हैं।

तरावड़ी गुप्ता कॉलोनी निवासी कार्तिक रहेजा ने बताया कि वह पिछले साल आस्ट्रेलिया गया था। वह खुद को भाग्यशाली समझ रहा है कि वहां से समय रहते लौट आया था। उसे मार्च में ही वापस जाना था।

इटली में चल रहा है केवल खेती का काम

करनाल जिले के गांव मंगलपुर निवासी रवि ने बताया कि वे ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रह रहे थे। वर्ष 2018 के नवम्बर माह में सिडनी में पढ़ाई करने गया था। उन्होंने देखा कि कोरोना वायरस ऑस्ट्रेलिया तक पहुंच चुका है। सरकार की तरफ से 6 माह के लिए बार्डर बंद कर दिए गए है। अब कोई नहीं आ सकता है और न कोई जा सकता है। वे वहां चार लोग एकसाथ रह रहे थे। उनका कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में जब कोरोना काफी एरिया में फैल चुका था, तब तक वहां न तो स्कूल बंद हुए थे और न ही मॉल। ट्रेन-बस सब चल रही थी। उन्होंने बताया कि सिडनी में सभी रेस्टोरेंट खुले हुए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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