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मोहसिन के लिए बरकत की नई इबारत लिख रहा ‘हुनर हाट’

20/02/2020

अजीत पाठक

नई दिल्ली, 20 फरवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय राजधानी में इंडिया गेट के समीप अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित हुनर हाट में आकर मो. मोहसिन को उनकी कला और हुनर के पारखी मिल गए हैं। वह इस बात से खासा उत्साहित हैं कि उनके परिवार के हाथों बनी फैन्सी ज्वैलरी अब नागपुर से निकल कर देश की राजधानी समेत अलग-अलग शहरों तक पहुंचेगी और उनके इस पैतृक व्यवसाय से उनकी बरकत होगी।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा इंडिया गेट के समीप शिल्पकारोंकलाकारों और हुनर के उस्तादों के लिए हुनर हाट’ का आयोजन किया गया है। हुनर हाट का आयोजन 16 फरवरी से 23 फरवरी तक चलेगा। महाराष्ट्र के नागपुर के रहने वाले मो. मोहसिन इस हुनर हाट में पहली बार हिस्सा ले रहे हैं। उनका कहना है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शिल्पकारों, दस्तकारों और मेरे जैसे लोग जो फैन्सी ज्वैलरी के पैतृक व्यवसाय के बूते ही जीवन यापन कर रहे थे उनको बड़ा प्लेटफार्म दिलाया है। इस आयोजन में आकर हमें काम के साथ अब पहचान भी मिल रही है। यह पहला मौका है जब बड़ी संख्या में ऑर्डर मिल रहा है। मोहसिन इससे खासे खुश और उत्साहित हैं।

वहीं दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों द्वारा मोदी और उनकी सरकार को कोसे जाने के बारे में पूछने पर मोहसिन का कहना है कि मुट्ठी भर लोगों के विरोध से देश का भला नहीं रुकना चाहिए। सरकार जो भी करती है वह देश और अपने लोगों की भलाई के लिए ही करती है। मोदी जी ने अब तक जितने फैसले लिए हैं वह हमारे भले के लिए ही है। 

दिल्ली के ही निवासी फिरोज खान जो कि लकड़ी से तरह-तरह की माला, लॉकेट, कंघी का स्टॉल लगाए हैं, शाहीन बाग में चल रहे विरोध-प्रदर्शन को प्रायोजित बताते हैं। फिरोज वर्क ऑन वुड का काम करते हैं और अपने इस कला से खुश व संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि सरकार ने हमारे जैसे कारीगरों को एक बड़ा मंच दिया है जहां से हम अपनी कला का प्रदर्शन कर बेहतर आमदनी कर सकते हैं।

लखनऊ के मो. ताहिर चिकनकारी (चिकन के कुर्ते और अन्य कपड़े) का काम करते हैं। बिना पूछे ही बोल पड़ते हैं, एक वक्त में चिकन के कपड़ों की काफी पूछ थी लेकिन फैशन ने करवट ली और लोग दूसरे कपड़ों की तरफ आकर्षित होने लगे। इस मंच से उनको और ज्यादा अवसर मिलने की शुरुआत हो गई है। ताहिर चाहते हैं कि चंडीगढ़ में लगने वाले हुनर हाट में भी शामिल होने का अगर मौका मिला तो उनके और उनके काम के लिए और बेहतर अवसर मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि हुनर हाट में देशभर से तकरीबन 250 से ज्यादा हुनर के उस्तादशिल्पकारमूर्तिकार और खानसामा आए हैं।


हिन्दुस्थान समाचार


 
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