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कोरोना आपदा : जरूरतमंदों के लिए 'देवदूत' बनकर सेवाभाव में जुटे सीतापुर के 'प्रभात'

22/05/2020

महेश शर्मा
सीतापुर, 22 मई (हि.स.)। कहते हैं कि अगर मन में सेवा भाव का जज्बा हो तो आप प्रशंसा के साथ पुण्य भी प्राप्त कर सकते हैं। सेवा का संकल्प लेकर जब हम किसी की मदद के लिए खड़े होते हैं तो कोई अपना-पराया भी नहीं देखा जाता। मदद में परिचित, अपरिचित, दोस्त, पड़ोसी कोई भी हो सकता है। किसी गिरते हुए का हाथ थामना और किसी जरूरतमंद का सहारा बनना भी मदद है। और यही परंपरा ही हमारी भारतीय संस्कृति की धरोहर भी कही जा सकती है। 

निःस्वार्थ भाव से की गई सेवा जहां एक तरफ स्वयं भी हमारे लिए आत्मसंतोष का वाहक बनती है, वहीं दूसरी तरफ संपर्क में आने वाले लोगों के बीच अच्छाई के संदेश को भी उजागर करते हुए समाज को नई दिशा व दशा बदलने का काम भी करती है। 

ऐसे ही मन में संकल्प लेकर आपदा काल में सेवा कार्य कर रहे सीतापुर के समाजसेवी जरूरतमंदों की मदद में अपने हाथ आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं उठा रहें हैं। कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के प्रभाव में सीतापुर भी अछूता नहीं है। इस महामारी से बचाव के लिए घोषित लाकडाउन की वजह से काफी लोगों को खाने पीने की चीजों की किल्लत भी हुई है। छोटे बड़े सभी लोग प्रभावित अवश्य हुए हैं।

ऐसे में सीतापुर के साधन सम्पन्न प्रभात अग्निहोत्री ने अपने मन में संकल्प लेकर जरूरत मंदों की मदद का वीणा उठाया हुआ है। प्रभात प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना की युवा शाखा के जिलाध्यक्ष भी है। कोरोना आपदा काल में सेवा का संकल्प लेकर समाज सेवा में लगे प्रभात अपनी मित्र मंडली के साथ निरंतर जरूरत मंदों की पहचान करने के साथ उनकी मदद में लगे हुए हैं। 

सीतापुर में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे, इसके लिए प्रतिदिन अपनी टीम के साथ राहत किट के पैकेट जरूरतमंद लोगों को वितरित कर रहे हैं। प्रभात ने 'हिन्दुस्थान समाचार' से बताया कि देखा यह जा रहा है कि झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों की मदद में काफी लोग चले जाते हैं, परन्तु मध्यम वर्गीय परिवारों की ओर लोगों का ध्यान कम जा रहा है। झुग्गी झोपड़ी में निवास करने वालों के साथ मध्यम वर्ग का भी व्यक्ति इस आपदा से प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि ऐसे परिवारों को हमारी टीम के सदस्य चिन्हित करते हैं, और उन परिवारों को हम लोग घरों में जाकर राहत किट प्रदान कर रहे हैं।
 
प्रभात अपने निजी वाहन में प्रतिदिन राहत किट भरकर निकलते हैं और जरूरतमंदों को देने में जुट जाते हैं। इन पैकेट्स में 3 किलो आटा, 2 किलो चावल, 1 किलो दाल, मसाले के पैकेट्स, नमक, तेल के पैकेट्स और साबुन आदि दिया जा रहा है।

प्रभात कहते हैं कि हम सब मिलकर ही इस महामारी से लड़ सकते हैं। इस आपदकाल में जो लोग साधन संपन्न हैं वे लोग जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए अवश्य आगे आएं, जिससे मानव जीवन की रक्षा की जा सके।

प्रभात के साथ इस पुनीत कार्य में उनके साथी पुनीत मिश्रा, रवि शर्मा, विकास वर्मा, अर्पित जैन, नीरज अवस्थी, निशान्त गुप्ता भी निरन्तर अपनी सक्रिय व महती भूमिका निभा रहें हैं।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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