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हर कीमत पर पीड़ित परिवार को न्याय दिला कर रहेंगे :अखिलेश यादव

09/10/2019

महेश
-पुष्पेन्द्र एनकाउंटर को अखिलेश ने पुलिस और सरकार की साजिश बताया
झांसी, 09 अक्टूबर (हि.स.)। पुलिस एनकाउंटर में मारे गए खनन माफिया पुष्पेन्द्र यादव के घर बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव करगुवां खुर्द पहुंचे। वहां उन्होंने परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए एनकाउंटर को प्रदेश सरकार व पुलिस की साजिश बताया। उन्होंने हाईकोर्ट के सिटिंग जज से मांग कराने की बात करते हुए कहा कि जनता का प्रदेश सरकार और पुलिस से विश्वास उठ गया है। अब प्रदेश सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
सियासत का गढ़ बन चुके करगुवां में दोपहर बाद करीब चार बजे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी काफिले के साथ जा पहुंचे। वहां उन्होंने मृतक पुष्पेंद्र के परिजनों से वार्ता कर संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस के एनकाउंटर की कहानी पर भरोसा नहीं। पुष्पेंद्र का एनकाउंटर नहीं बल्कि सोची समझी साजिश के तहत हत्या की गई है। पुष्पेंद्र के किसी भी परिवार के सदस्य को पुलिस की कहानी पर भरोसा नहीं। परिवार के लोगों को यह भी नहीं पता कि पुष्पेंद्र को कितने बजे मारा गया। पूरे दिन शव को एक स्थान से दूसरे स्थान पर लेकर दौड़ते रहे। न ही पुलिस ने परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी और न ही पोस्टमार्टम के समय परिजनों को बुलाया गया।
रामराज्य का भरोसा दिलाने वाले देश की आत्मा को मार रहे
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह राम राज्य नहीं बल्कि सरकार कुछ और तरीके से राज्य को चला रही है। यह राम राज्य का भरोसा दिलाने वाले लोग देश की आत्मा को मार रहे हैं। प्रदेश के एक कोने से दूसरे कोने तक उहापोह की स्थिति बनी है। सोनभद्र में पुलिस की नाकामी थी जहां कई लोग मार दिए गए। नोएडा व आजमगढ़ में भी फेक एनकाउंटर किया गया। 
हाईकोर्ट के सिटिंग जज से हो जांच
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मेरी पार्टी समेत मृतक के परिवार की मांग है कि हाईकोर्ट के सिटिंग जज के माध्यम से जांच हो। हमे प्रशासन और पुलिस की जांच पर कोई भरोसा नहीं है। सरकार पर से भरोसा उठ चुका है। सरकार पर भरोसा तब होता जब वह न्याय देती। जिस प्रदेश का मुखिया कहता हो ठोक दो उस प्रदेश की पुलिस पर क्या भरोसा कर सकते हैं। 
प्रदेश में कानून व्यवस्था बर्बाद 
अखिलेश ने कहा हमने डायल 100 दिया जो सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच जाती थी और जनता की तुरंत मदद होती थी। हमने चाहा था कि पुलिस अच्छा काम करे लेकिन प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के चलते कानून को कमजोर कर रही है। कानून व्यवस्था बर्बाद कर दी। इस एनकाउंटर में कहीं न कहीं साजिश है। जहां एक थाना प्रभारी को बचाने में पूरा प्रसाशन एक हो गया हो, सारी सरकार एक हो गई हो, वहां न्याय की अपेक्षा कैसे कर सकते हैं। 
अपनी सरकार की थप-थपाई पीठ
समाजवादी पार्टी की सरकार की पीठ ठोंकते हुए कहा कि एटा कासगंज में पति को एनकाउंटर की धमकी देकर एसओ ने महिला के साथ गलत काम किया। उसे गर्भवती कर दिया। जब जनता जागी। पार्टी में इसकी आवाज उठी तब एसओ को जेल भेजा गया। इसलिए हम कह रहे पुष्पेंद्र के हत्यारे एसओ को जेल भेजो। जो हम पर जातिवादी का आरोप लगाते थे उनकी पार्टी के प्रधानमंत्री का जालौन में भाषण सुना क्या? क्या बोले थे आपको नहीं मालूम। जिस प्रदेश का मुख्यमंत्री योगी हो वो समाज को क्या सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि पुष्पेन्द्र के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए हम कुछ भी करेंगे।
रामराज्य का थोड़ा टुकड़ा भी दिमाग में है तो दें न्याय
पूर्व मुख्यमंत्री ने जनता से कहा कि आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि ह्यूमन राइट के सबसे ज्यादा एनकाउंटर पर नोटिस प्रदेश सरकार को मिले हैं। उत्तर प्रदेश कस्टडी में सर्वाधिक डेथ वाला प्रदेश बन गया है। कानून व्यवस्था में सबसे ज्यादा नीचे जा रही सरकार और भ्रष्टाचार में सबसे ऊपर है। आप लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। आप सोचिए एक पत्रकार ने जब नमक-रोटी का मामला लिख दिया तो उसके खिलाफ एफआईआर हो गई। लोकतंत्र बचाने के लिए इस परिवार की आप भी मदद कीजिएये। भाजपा सरकार की अब उल्टी गिनती शुरू हो गई। जनता सब देख रही है। रामराज्य का अगर इस सरकार के दिमाग मे थोड़ा टुकड़ा पड़ा है तो इस परिवार को न्याय दिया जाना चाहिए।
रात में अन्तिम संस्कार पर बोले पूर्व मुख्यमंत्री
हिन्दू रीति रिवाज उनके लिए सिर्फ वोट लेने तक सीमित है। किसी गरीब को न्याय देने के लिए सरकार के पास कुछ नहीं है। जिस प्रदेश के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री पर मुकदमे हों। उस सरकार से आप किसी धर्म को बचाए रखने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। शाहजहांपुर के स्वामी जी एक बेटी से तेल लगवा रहे थे। पीड़िता ने जब आवाज उठाई तो क्या उसे न्याय मिला। इसके विपरीत उसे भी जेल में ठूस दिया गया। एक साधु संत ने इलाहाबाद से जहां सबसे पवित्र स्थान है, इस पर आवाज उठाई। क्या दबाब बनाया होगा कि संत भी बदल गए। सहयोगी दलों के साथ न आने पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी काफी है इस परिवार को न्याय दिलाने के लिए।
हिन्दुस्थान समाचार


 
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