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राप्ती सागर ट्रेन से कानपुर सेन्ट्रल स्टेशन पर उतरे 85 लोगों की हुई 'कोरोना' जांच

26/03/2020

राप्ती सागर ट्रेन से कानपुर सेन्ट्रल स्टेशन पर उतरे 85 लोगों की हुई 'कोरोना' जांच

- तिरुवंतपुरम से गोरखपुर जा रही थी ट्रेन, सभी को जांच के बाद भेजा गया घर
- ट्रेन के पहुंचने से पूर्व सभी व्यवस्थाओं के साथ प्लेटफार्म पर डट गए थे अफसर

मोहित वर्मा 
कानपुर, 26 मार्च (हि.स.)। चीन से चलकर कई देशों तक पहुंच चुके कोरोना वायरस वैश्विक आपदा बन गया है। भारत में इसके खतरे को देखते हुए 21 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है। इस दौरान यात्री गाड़ियों का संचालन 14 अप्रैल तक रद्द किया गया है। साथ ही हर प्रकार की यात्राओं के साथ लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी गई है। इन सबके बीच गुरुवार को जैसे ही राप्ती सागर सुपरफास्ट ट्रेन कानपुर सेन्ट्रल स्टेशन पहुंची तो हड़कम्प मच गया। हालांकि गाड़ी के पहुंचने से पूर्व ही रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी, एलआईयू सहित डाक्टरों की टीम मुस्तैद हो गई थी। 

गुरुवार दोपहर में सेंट्रल स्टेशन के डायरेक्टर हिमांशु शेखर उपाध्याय, आरपीएफ प्रभारी पीके ओझा, जीआरपी थाना प्रभारी राम मोहन राय को सूचना मिली कि झांसी रेलवे स्टेशन पर तिरुवंतपुरम से गोरखपुर जा रही राप्ती सागर सुपरफास्ट ट्रेन से 110 लोगों को उतारा गया है। इसके अलावा जांच के बाद 85 लोगों को जिला प्रशासन की संस्तुति पर आगे के लिए रवाना किया गया है जिन्हें कानपुर सेन्ट्रल पर उतारा जाना है। इस सूचना के मिलते ही रेलवे के साथ कानपुर प्रशासन में भी हड़कम्प मच गया। ट्रेन आने का वक्त होने पर सीटीएम हिमांशु शेखर, आरपीएफ, जीआरपी, एलआईयू के अफसर व कर्मी डॉक्टरों की टीम के साथ प्लेटफार्म नम्बर एक पर पहुंचे और गाड़ी के आने का इंतजार करने लगे। गाड़ी जैसे ही प्लेटफार्म पर रुकी तो जनरल कोच में बैठे 85 लोगों को उतारा गया। सावधानी के बीच प्लेटफार्म पर बैठाकर सो​शल डिस्टेंसिंग के साथ सभी लोगों की कोरोना वायरस की जांच की गई। जांच में किसी के भी वायरस संक्रमित न होने बात सामने आई। 

25 को गाड़ी से भेजा गया गोरखपुर
सेन्ट्रल स्टेशन पर राप्ती सागर ट्रेन से उतारे गए 85 लोगों की जांच के बाद सभी के हाथों में होम क्वारंटाइन की मुहर लगाई गई। इन लोगों में 25 लोग गोरखपुर के थे जिन्हें जांच के बाद गाड़ी के साथ ही गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। इन सभी को रास्ते में खाने के लिए लंच पैकेट देते हुए किसी भी जगह न उतरने व किसी से न मिलने की हिदायत दी गई। 
 
आईआरसीटीसी व पैंट्रीकार कर्मी थे सभी 
सेंट्रल स्टेशन के अफसरों ने बताया कि जिन लोगों को यहां पर उतारा गया है, उसमें से अधिकतर आईआरसीटीसी से सम्बद्ध पैंट्री कार कर्मचारी हैं। यह सभी कानपुर व आसपास के निवासी हैं। यह सभी ट्रेन में अपनी ड्यूटी करते हुए चल रहे थे लेकिन इसी बीच कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन करके  यात्री गाड़ियों का संचालन 14 अप्रैल तक रद्द किया गया है इन सभी को उनके घरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की ही बनती है, इसलिए इन 60 लोगों को इनके गंतव्य स्थानों तक भेजने की व्यवस्था की जा रही है। इन सभी को होम क्वारंटाइन के दौरान अपने घरों में रहने की हिदायत भी दी गई है। 

कानपुर सेंट्रल स्टेशन के डायरेक्टर का कहना
सेंट्रल स्टेशन के डायरेक्टर हिंमाशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि जांच के बाद 25 यात्री उसी ट्रेन से आगे चले गए। किसी यात्री में कोरोना के लक्षण नहीं मिले। फिर भी डॉक्टरों द्वारा सभी को होम क्वारंटाइन की स्टैम्प लगाई गई है। ट्रेन में सफर कर रहे 25 यात्रियों की सूचना लखनऊ मंडल को दे दी गयी है।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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