रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा देश का विदेशी मुद्रा भंडार


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योगिता पाठक
नई दिल्ली, 05 जून (हि.स.)। कोरोना संक्रमण के कारण देशभर में अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बने अनिश्चितता के माहौल के बावजूद देश के विदेशी मुद्रा भंडार लगातार मजबूत हुआ है। अर्थव्यवस्था के दबाव के बावजूद देश का विदेशी मुद्रा भंडार अभी तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है। 28 मई को खत्म हुए कारोबारी सप्ताह के अंत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 598.165 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। 

कोरोना संक्रमण के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ा है। पिछले एक साल से अर्थव्यवस्था के लगभग सभी संकेतक गिरावट का प्रदर्शन कर रहे हैं। औद्योगिक गतिविधियां लगभग ठप पड़ी हुई हैं। इसी तरह घरेलू डिमांड में भी काफी कमी आई है, लेकिन विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में भारत का खजाना लगातार मजबूत हो रहा है। 

28 मई को खत्म हुए कारोबारी सप्ताह तक के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक देश का विदेशी मुद्रा भंडार 598.165 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। इस सप्ताह के दौरान देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 5.271 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। उसके पहले के सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 592.894 अरब डॉलर के स्तर पर था। 

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की रिपोर्ट जारी करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्ति कांत दास ने बताया था कि विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) में बढ़ोतरी के कारण देश के विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी दर्ज की गई है। जानकारों का कहना है कि 28 मई को खत्म हुए सप्ताह के बाद वाले सप्ताह यानी जून के पहले कारोबारी सप्ताह के दौरान भी एफसीए में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि इसका आधिकारिक आंकड़ा अगले सप्ताह ही मिल सकेगा। इसके बावजूद एफसीए में हुई इस बढ़ोतरी के कारण विदेशी मुद्रा भंडार के मौजूदा स्तर से बढ़कर 600 अरब डॉलर से अधिक हो जाने की उम्मीद की जा रही है।

गौरतलब है कि विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) की गणना आधिकारिक तौर पर अमेरिकी डॉलर में की जाती है लेकिन इसमें डॉलर के अलावा यूरो, पौंड, येन जैसी अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं को शामिल किया जाता है। 

विदेशी मुद्रा भंडार के मजबूत होने के साथ ही देश का गोल्ड रिजर्व (स्वर्ण भंडार) भी मजबूत हुआ है। 28 मई को खत्म हुए कारोबारी सप्ताह के बारे में जारी रिजर्व बैंक के आंकड़ों के हिसाब से देश का स्वर्ण भंडार भी बढ़कर 38.106 अरब डॉलर का हो गया है। स्वर्ण भंडार में एक सप्ताह के दौरान ही करीब 2,650 लाख डॉलर मूल्य के सोने की बढ़ोतरी हुई है। 

माना जा रहा है कि विदेशी मुद्रा भंडार की मौजूदा मजबूत स्थिति आने वाले दिनों में भारत के आर्थिक विकास के लिए काफी सहायक सिद्ध होगी। क्योंकि जैसे-जैसे कोरोना का संक्रमण घटता जाएगा, वैसे-वैसे देश की आर्थिक और कारोबारी गतिविधियां भी बढ़ती जाएंगी। ऐसे वक्त में विदेशी मुद्रा भंडार विदेश से आवश्यक सामानों के निर्बाध आयात में काफी सहायक सिद्ध होगा। 

हिन्दुस्थान समाचार
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