मनोरंजन

फिल्म इंडस्ट्री की नजरें नए सूचना प्रसारण मंत्री पर.

31/05/2019

अनुज
मुंबई, 31 मई (हि स)। जब भी केंद्र की सत्ता में कोई परिवर्तन होता है, तो फिल्म इंडस्ट्री की निगाहें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कार्यभार संभालने वाले मंत्री पर जा टिकती हैं। गुरुवार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का शपथ ग्रहण समारोह हुआ, तो फिल्म इंडस्ट्री की कौतूहलता इस बात को लेकर थी कि इस बार ये मंत्रालय किस मंत्री को मिलेगा। शुक्रवार को जब मोदी सरकार के नए कार्यकाल के लिए विभागों का बंटवारा हुआ, तो सूचना और प्रसारण मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रकाश जावड़ेकर को मिली, जो इससे पहले भी ये मंत्रालय संभाल चुके हैं। 2014 में जब मोदी सरकार पहली बार सत्ता में आई थी, तो प्रकाश जावड़ेकर को ही ये मंत्रालय सौंपा गया था। वे नवंबर 2014 तक इस मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री के तौर पर कार्यरत रहे। उनके बाद इस मंत्रालय की जिम्मेदारी अरुण जेटली को मिली थी। अरुण जेटली दो साल तक इस पद पर रहे। उनके बाद मोदी सरकार में इस मंत्रालय का प्रभार वेंकैया नायडू को मिला, जो देश के उपराष्ट्रपति चुने जाने से पहले तक इस पद पर आसीन रहे। वेंकैया नायडू के बाद ये जिम्मेदारी स्मृति ईरानी को मिली, जो मनोरंजन की दुनिया से आती हैं। वे एक साल तक इस मंत्रालय में रहीं और इसके बाद ये मंत्रालय राज्यवर्धन राठौड़ को मिला, जो पिछली सरकार के अंत तक इस जिम्मेदारी को संभालते रहे। इस तरह से मोदी सरकार के प्रथम कार्यकाल में इस मंत्रालय में पांच मंत्रियों को देखा गया और एक बार ये जिम्मेदारी प्रकाश जावड़ेकर को ही दी गई। बालीवुड में प्रकाश जावड़ेकर को ये जिम्मेदारी मिलने पर खुशी व्यक्त की गई है। निर्माताओं की संस्था गिल्ड के अध्यक्ष सिद्धार्थ राय कपूर ने उम्मीद जताई है कि जावड़ेकर फिल्म इंडस्ट्री की समस्याओं का जल्दी से समाधान निकालेंगे। माना जा रहा है कि फिल्म और टेलीविजन के निर्माताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जल्दी ही नए सूचना-प्रसारण मंत्री से मुलाकात करेगा। सिद्धार्थ राय कपूर का कहना है कि वे जब मुंबई आएंगे, तो हम उनसे मुलाकात की कोशिश करेंगे। ये प्रतिनिधिमंडल नई वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात करेगा। फिल्म इंडस्ट्री उम्मीद कर रही है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में फिल्मी दुनिया को उद्योग का दर्जा देने के बाद इसे लागू करने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री रहीं सुष्मा स्वराज ने पहली बार मनोरंजन की दुनिया को उद्योग की श्रेणी में लाने की घोषणा की थी, लेकिन फिल्म इंडस्टी का मानना है कि इसे सुचारु रुप से लागू नहीं किया गया। 
 हिन्दुस्थान समाचार