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टेस्ट क्रिकेट में अफगान का जलवा

20/09/2019

टेस्ट क्रिकेट में अफगान का जलवा

 मोहम्मद शहजाद

अफगानिस्तानी खिलाड़ियों को भारत ने खेल की सभी सुविधाएं मुहैया करायी हैं। यहां तक कि उनके होम ग्राउंड नोएडा और देहरादून में हैं। इसलिए अफगान टीम की जीत से भारतीय प्रशंसक खुश होते हैं।

क्रिकेट के मैदानों में इन दिनों ‘काबुल फिजा’ के चर्चे हैं। हों भी क्यों न! आखिर इन काबुलीवालों ने कारनामा ही इतना बेजोड़ कर दिखाया है। टेस्ट क्रिकेट में बिलकुल नवोदित समझी जाने वाली अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम ने अपने से काफी मजबूत बांग्लादेश की टीम के चारों खाने चित कर दिए हैं। उसने चटगांव टेस्ट में बांग्लादेशी टीम को 224 रनों के भारी अंतर से शिकस्त दी। इसके साथ ही उसने बांग्लादेश के विरुद्ध एकमात्र टेस्ट मैच की यह श्रृंखला अपने नाम कर ली। चटगांव के जहूर अहमद चौधरी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में अफगानी टीम बंगाल टाइगर्स से हर क्षेत्र में अव्वल रही। उसने पहली पारी में 342 रन बनाए।
इसमें रहमत शाह ने शानदार 102 रनों की शतकीय पारी खेली। जबकि असगर अफगान (92 रन) और राशिद (51 रन) ने अद्धशतकीय पारी खेली। इसके जवाब में बांग्लादेशी टीम अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान की घातक गेंदबाजी के आगे बेबस नजर आई और पूरी टीम महज 205 रन पर ढेर हो गई। राशिद ने पहली पारी में 5 विकेट लिए। फिर दूसरी इंनिंग में अफगानिस्तान ने 260 रन बनाए। इसमें उसकी तरफ से इब्राहीम जदरान (87 रन), असगर अफगान (50 रन) और अफसर जजई (48 रन) का बहुमूल्य योगदान रहा। इस तरह अफगानिस्तान ने पहली पारी में मिली बढ़त के हिसाब से बांग्लादेश के सामने कुल 398 रनों का लक्ष्य रखा।
बारिश से प्रभावित दूसरी पारी में भी बांग्लादेशियों पर राशिद खान का कहर फिर टूटा और उन्होंने महज 49 रन देकर 6 विकेट लिए। बांग्लादेश की पूरी टीम 173 पर आउट हो गई। याद रहे कि जून 2017 में ही आईसीसी द्वारा अफगानिस्तान को टेस्ट मैच खेलने वाली टीम का दर्जा दिया गया है। उसने 2018 में भारी भरकम टीम भारत के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। उसमें उसे एक इनिंग और 262 रनों की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा लेकिन अपने साथ ही टेस्ट टीम दर्जा पाने वाली आयरलैण्ड की टीम को उसने 2019 में 7 विकेट से धूल चटाई। अब अपने तीसरे ही टेस्ट मैच में बांग्लादेश को हराकर उसने आईसीसी के निर्णय को सही साबित किया है। इस तरह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अफगानिस्तान की टीम आॅस्ट्रेलिया के बाद ऐसी एकमात्र टीम बन गई है जिसमें अपने शुरुआती तीन मैचों में से दो में जीत दर्ज की है।
राशिद खान ने इस टेस्ट की दोनों पारियों में कुल 11 विकेट चटकाए। इसके साथ ही वह बतौर कप्तान एक टेस्ट मैच में 10 या उससे अधिक विकेट लेने वाले और उसी मैच में अर्द्धशतक जमाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उनको इस हरफनमौला खेल की बदौलत ‘मैन आॅफ दि मैच’ के अवार्ड से नवाजा गया। इसके साथ ही उन्होंने एक और कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में मैच जीतने वाले सबसे युवा कप्तान बन गए हैं। भारतीय क्रिकेट प्रेमी 2018 के आईपीएल में राशिद खान के आॅलराउंडर प्रदर्शन को नहीं भूले हैं। जिनकी सनराइजर्स हैदराबाद की टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका रही थी। तब तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट कर कुछ लोगां ने उन्हें भारतीय नागरिकता देने तक की मांग कर डाली थी।
यह जीत भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के चेहरों पर भी खुशियां बिखेरने वाली रही। ऐसा केवल इसलिए नहीं कि अफगानिस्तान हमारा हमसाया मुल्क है। अफगानिस्तान के साथ-साथ पाकिस्तान और बांग्लादेश भी तो हमारे पड़ोसी हैं लेकिन क्रिकेट में इनसे हमारी प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है। भारत और पाकिस्तान तो एक दूसरे के चिर-प्रतिद्वंद्वी हैं। इसके बरक्स भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को अफगानिस्तान क्रिकेट टीम से एक हमदर्दी रही है। इसकी वजह युद्ध प्रभावित देश होने के नाते अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण कार्यों में दी जाने वाली भारतीय सहायता है। इसका असर क्रिकेट के खेल में दिखाई देता रहा है। उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं नहीं हैं।
आतंकी हमलों का खतरा भी बना रहता है। इसलिए भारत ने 2016 में ग्रेटर नोएडा स्थित शहीद विजय सिंह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अफगानी टीम को होम ग्राउंड के तौर पर दिया। उसके बाद अब देहरादून स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को उनका दूसरा होम ग्राउंड बना दिया गया है। अपने इसी होम ग्राउंड में अफगानिस्तान ने आयरलैण्ड के विरुद्ध वनडे, टेस्ट मैच और टी-20 मैचों की सीरीज खेली थी। यहीं पर उसने टेस्ट मैचों में अपनी पहली जीत का स्वाद चखा। शायद इन्हीं कारणें से हम भारतीय अफगानिस्तान की हर कामयाबी से खुद को जुड़ा हुआ पाते हैं।


 
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