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धोनी का विकल्प तैयार नहीं

22/10/2019

धोनी का विकल्प तैयार नहीं

संजीव

क्रिकेट जगत का अपराजेय योद्धा। इकलौता कप्तान, जिसकी अगुवाई में टीम इंडिया ने आईसीसी की तीनों ट्रॉफियां जीतीं। विपक्षी गेंदबाजों के लिए आखिरी ओवरों में सबसे कठिनतम बल्लेबाज। बात महेंद्र सिंह धोनी की। आंखों से काजल चुराना मुहावरा है लेकिन धोनी ने इसे हकीकत में बदलकर दिखाया। विकेट के पीछे इतनी फुर्ती से गिल्लियां बिखेरते रहे कि बल्लेबाज तो क्या अंपायर तक को अंदाजा लगाना कठिन हो। दिमाग इतना तेज कि डीआरएस का नाम बदलकर मजाक में धोनी रिव्यू सिस्टम कहा जाने लगा। धोनी ने अपनी मेधा, कौशल और पराक्रम से खेल की नयी परिभाषा गढ़ दी। वे अपने खेल जीवन में ही किवंदती बन गये। इन तमाम बेशकीमती विशेषणों के बाद भी धोनी सवालों से परे नहीं हैं। उनके संन्यास को लेकर कयासों,अटकलों और सवालों का जैसे सिलसिला चल पड़ा है। क्रिकेट का यह करिश्मा तकरीबन विदाई बेला तक पहुंच गया है। तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। धोनी कब तक खेलेंगे? अब कभी खेलेंगे भी या नहीं? धोनी की चुप्पी अटकलों को हवा दे रही है। साथी खिलाड़ियों को भी पता नहीं है कि धोनी मैदान में लौटेंगे या खेल को अलविदा कहेंगे।

धोनी टीम इंडिया के वेस्ट इंडीज दौरे से ही अलग नहीं रहे, बल्कि वे साउथ अफ्रीका के भारतीय दौरे में भी शामिल नहीं थे। इसी बीच विराट कोहली के एक ट्वीट ने धोनी के संन्यास के सवाल को और भी गहरा कर दिया।

बीसीसीआई भी धोनी को लेकर साफ-साफ कुछ कहने की बजाय भ्रम को बढ़ा रहा है। धोनी के प्रशंसकों को उम्मीद है कि अगले साल होने वाले 20-ट्वेंटी वर्ल्डकप तक धोनी बने रहेंगे। कई पूर्व वरिष्ठ खिलाड़ियों का कहना है कि भारतीय टीम के लिए आगे बढ़ने का समय आ गया है। जबकि कभी टीम के सहयोगी रहे कुछ पूर्व खिलाड़ी कहते हैं कि अपने संन्यास को लेकर फैसला करने का हक धोनी को मिलना ही चाहिए। दरअसल, इसी साल विश्वकप सेमीफाइनल में टीम इंडिया की हार के साथ ही धोनी के खेल जीवन पर विराम की अटकलें तेज हो गयी थीं। तत्काल प्रतिक्रिया देने की बजाय धोनी ने वेस्ट इंडीज दौरे से अपना नाम वापस लेते हुए साफ किया था कि 31 जुलाई से 15 अगस्त तक वे कश्मीर में रहेंगे। धोनी को 2011 में प्रादेशिक सेना में लेμिटनेंट कर्नल की मानद रैंक मिली थी। वे पैराशूट रेजीमेंट की 106 पैरा टेरिटोरियल आर्मी बटालियन का हिस्सा हैं। संयोग था कि 05 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया तो धोनी उस वक्त वहीं थे। वो टीम इंडिया के वेस्ट इंडीज दौरे से ही अलग नहीं रहे बल्कि वे साउथ अफ्रीका के भारतीय दौरे से भी अलग रहे। इसी बीच विराट कोहली के एक ट्वीट ने धोनी के संन्यास के सवाल को और भी गहरा कर दिया। 12 सितंबर को विराट कोहली ने धोनी के साथ एक पुरानी तस्वीर पोस्ट की।

यह तस्वीर 2016 के टी-20 विश्वकप के दौरान आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ एक यादगार मुकाबले की थी। इसमें धोनी और कोहली की शानदार साझेदारी ने मैच में जीत को संभव बनाया था। इस ट्वीट के साथ ही लोगों ने इसे धोनी के संन्यास के संकेत के तौर पर देखा। आखिरकार कोहली ने ही साफ किया कि उन्होंने बस एक यादगार तस्वीर पोस्ट की थी, जिसे गलत अर्थों में लिया गया। धोनी फिर भी चुप रहे लेकिन उनकी वाइफ साक्षी ने भी साफ किया कि धोनी के संन्यास की बात सिर्फ अफवाह है। बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने भी कहा कि धोनी के संन्यास की बात पूरी तरह से गलत है। इन सब सफाइयों के बावजूद यह साफ नहीं है कि धोनी अगले साल होने वाले टी- 20 विश्वकप के लिए टीम इंडिया के साथ होंगे या नहीं। हालांकि जिस तरह से धोनी की जगह पर टीम इंडिया में जगह पाने वाले ऋषभ पंत बार-बार असफल हो रहे हैंए उससे ऐसा लगता है कि धोनी की भरपायी करने की स्थिति में टीम नहीं है।



 
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