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फिल्मी कलाकार ने लगाई बच्चों की पाठशाला

12/06/2020

-क्वारंटाइन अवधि पूरी होने के बाद अपने ही घर पर बच्चों को पढ़ा रहे ए.बी.सी.डी.
-कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को लेकर मायानगरी लौटने का इरादा भी छोड़ा

पंकज मिश्रा
हमीरपुर, 12 जून (हि.स.)। बालीबुड कलाकार ने क्वारंटाइन अवधि पूरी करने के बाद अब यहां अपने घर में ही बच्चों की पाठशाला लगायी है। वह दो साल से छह साल की उम्र के गांव के बच्चों को न सिर्फ ए.बी.सी.डी.सिखा रहे हैं, बल्कि उन्हें निरोगी जीवन जीने के लिये योग और प्राणायाम भी सिखा रहे हैं। बच्चों की पाठशाला पूरे गांव में चर्चा का विषय बनी है। 

कुरारा क्षेत्र के मनकी खुर्द गांव निवासी सोमेन्द्र कुमार स्नातक की पढ़ाई करने के बाद वर्षों पूर्व मुम्बई गये थे। वहां फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिये कई सालों तक संघर्ष किया और आखिरकार उन्हें फिल्मों में काम करने का मौका मिल गया। शुरू में इन्होंने क्राइम एपीसोड में अभिनय किया फिर सावधान इंडिया, क्राइम पेट्रोल के सीरियल के बाद सोमेन्द्र को दो फिल्में मिली जिसमें एक फिल्म ऐसे समय रिलीज हुयी जो कोरोना वायरस महामारी को लेकर किए गये लॉक डाउन के कारण नहीं चल सकी।

एक फिल्म आज भी रिलीज होने के लिये बॉक्स आफिस में रखी है। कोरोना वायरस के तेजी से मामले बढ़ने से घबराया ये फिल्मी कलाकार लॉक डाउन के दौरान बालीबुड छोड़ अपने गांव लौट आया है। क्वारंटाइन अवधि पूरी करने के बाद ये अब छोटे-छोटे बच्चों को अपने ही घर में ही पढ़ा रहे है। बच्चों की पाठशाला में घर और पड़ोस के ऐसे बच्चों को ए.बी.सी.डी. पढ़ना और लिखना सिखा रहे हैं, जो स्कूल भी कभी नहीं गये हैं। कई बच्चों की उम्र तो दो से से तीन साल की है जो तोतली आवाज में फिल्मी कलाकार को गिनती और अंग्रेजी की वर्णमाला सुनाते हैं। बच्चों की पाठशाला में सामाजिक दूरी का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। 

कोरोना वायरस के खात्मे के बाद ही जायेंगे मायानगरी
बालीबुड कलाकार ने बताया कि देश में कोरोना वायरस महामारी से बॉलीवुड सन्नाटे में है। न तो कोई फिल्म की शूटिंग हो रही है और न ही शूट की गयी फिल्में रिलीज हो रही है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के खत्म होने के बाद ही मायानगरी में कदम रखेंगे। तब तक वह घर पर ही अभिनय के नये-नये प्रयोग किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि कोरोना के कारण कई फिल्मों की शूटिंग रुक गयी है। बालीवुड को भी पहली बार भारी नुकसान हो रहा है। 

तीन दिन में बच्चों ने सीखा अंग्रेजी पढ़ना और बोलना
फिल्मी कलाकार ने शुक्रवार को बताया कि बच्चों की पाठशाला में ऐसे दस बच्चे हैं, जिनकी उम्र अभी बहुत छोटी है लेकिन तीन दिन में ही ये बच्चे अंग्रेजी पढ़ना और बोलना सीख लिया है। पांच साल की कई बच्चियों ने भी अंग्रेजी में 30 तक टेबिल भी लिखना और बोलना सीख लिया है। 

उन्होंने बताया कि जब तक वह गांव में रहेंगे तब तक स्कूल न जाने वाले बच्चों को पढ़ाकर इस काबिल बनाया जायेगा कि वह स्कूल में दाखिला कराकर आगे की पढ़ाई करें। 

जल और पर्यावरण प्रदूषण पर भी लिख डाली पटकथा
मायानगरी से छोड़कर आये फिल्मी कलाकार ने अपने घर में ही रहते हुये जल और पर्यावरण के प्रदूषण पर पटकथा भी लिख डाली। उन्होंने बताया कि क्वारंटाइन अवधि में पटकथा लिखी गयी है जो बुन्देलखंड क्षेत्र में पानी और पर्यावरण पर फोकस किया गया है। उन्होंने बताया कि पटकथा 60 पेज की है जिसमें पर्यावरण के प्रदूषण से होने वाले नुकसान और इसका खामियाजा किसानों को कैसे भुगतना पड़ रहा है इस पर सिलसिलेवार विषय रखे गये हैं। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
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