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विविधता में एकता भारत की पहचान : प्रणब मुखर्जी

08/11/2019

-करनाल में बाबा राम दास विद्यापीठ स्कूल के छात्रों के साथ रूबरू हुए पूर्व राष्ट्रपति

वेदपाल
करनाल, 08 नवम्बर (हि.स.)। भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि विविधता में एकता भारत में सदियों से प्रचलित है और यह भारत की पहचान है। पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी शुक्रवार को करनाल में कलवेहडी स्थित बाबा राम दास विद्यापीठ के छात्रों को संबोधित कर रहे थे। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि आप भारत देश में रह रहे हैं, जहां एक झंडा और एक संविधान हमारी एकता का गवाह है।

भारत का इतिहास बहुत ही गौरवशाली है और हमें इससे काफी कुछ सीखने की जरूरत है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के उदाहरण दिए और विद्यार्थियों से इनका अनुसरण करने का आग्रह किया। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति का हवाई पट्टी पर स्कूल के चेयरमैन वैद्य देवेंद्र बत्तरा ने उनका स्वागत किया।
मुखर्जी ने कहा कि भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ा आबादी वाला देश है। जिसमें लगभग सभी प्रमुख धर्म हैं। भारत में सात प्रमुख धर्मों का अभ्यास किया जाता है। 100 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं और भारत में कई बोलियों का उपयोग किया जाता है। इसके बावजूद हम भी एक हैं। अंत में उन्होंने
छात्रों को अपने सपनों को प्राप्त करने के लिए अनुशासन दृढ़ संकल्प और समर्पण के मार्ग पर चलने की सलाह दी। उन्होंने कहा छात्र को शिक्षकों से अधिक से अधिक प्रश्न पूछने चाहिए। छात्र जीवन में जिज्ञासा बहुत जरूरी है और शिक्षकों को इनके सवालों का सही जवाब देकर इनकी जिझासा को शांत करना
चाहिए। इससे पहले स्कूल की मैनेजर साबिया बत्रा ने उनका स्वागत किया।

रूपा पब्लिकेशन दिल्ली के एमडी कपिश मेहरा ने उनके जीवन से जुड़े कई पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उनका अभिनंदन किया। स्कूल की प्रिंसिपल नीनू चांदना ने स्कूल की गतिविधियों का उल्लेख किया। डाॅ. मानव बतरा ने धन्यवाद प्रषित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। इस मौके पर सांसद संजय भाटिया, विधायक हरविंद्र कल्याण, मेयर रेनू बाला गुप्ता, डीसी विनय प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र भौरिया, एसडीएम नरेंद्र मलिक समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
सहजता से दिए सवालों के जवाब
पूर्व राष्ट्रपति छात्रों के साथ रूबरू भी हुए और विद्यार्थियों ने उनसे कई सवाल भी किए। प्रणब मुखर्जी ने बड़ी सहजता से उनका जवाब दिया। एक छात्रा साहिबा द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि विद्यार्थी जीवन में उनका पसंदीदा विषय विषय इतिहास और राजनीति विज्ञान रहा था। लेकिन उन्होंने वाणिज्य और अर्थशास्त्र में भी बहुत अधिक काम किया है। उन्होंने भारत के राष्ट्रपति के रूप में अपने अनुभवों को भी विद्यार्थियों के साथ साझा किया। इस अवसर के दौरानए पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी ने शैक्षणिक खेल एवं अन्य कई श्रेणियों उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
हिन्दुस्थान समाचार


 
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