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गाजियाबाद में अब तक 17 सौ से ज्यादा मरीजों को मिला 'आयुष्मान'

16/06/2019

-पूरे जिले में हैं 72 हजार पंजीकृत लाभार्थी, 29 अस्पतालों में करा सकते हैं इलाज

-सरकार ने निजी अस्पतालों को 1.1 करोड़ का किया भुगतान

-फरमान अली 

गाजियाबाद, 16 जून (हि.स.)। आयुष्मान भारत योजना के तहत जनपद में अब तक 1700 से अधिक लोग उपचार करा चुके हैं। सितम्बर 2018 से योजना शुरू होने के बाद से जनपद में अब तक 72 हजार लाभार्थी पंजीकृत किए जा चुके हैं। 32 हजार से अधिक गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। जिले में अब तक कुल 29 निजी और सरकारी अस्पताल योजना में शामिल किए गए हैं जहां इलाज कराया जा सकता है। 

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एनके गुप्ता ने रविवार को बताया कि योजना के तहत लाभार्थी इन सभी अस्पतालों में जाकर पांच लाख रुपये तक का उपचार करा सकते हैं। अब तक सरकार आयुष्मान योजना के तहत उपचार करने के एवज में निजी अस्पतालों को 1.1 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है। लाभार्थी को अस्पतालों में कोई भुगतान नहीं करना होता है। पांच लाख तक का उपचार उन्हें निशुल्क मिलता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष तक जनपद में योजना के कुल 57 हजार लाभार्थी पंजीकृत किए गए थे। जनवरी से मार्च 2019 के बीच योजना में पंजीकरण के लिए कुल 20 हजार फार्म अपलोड किए गए थे, इनमें से 15 हजार 600 आवेदन स्वीकृत हो गए। इस प्रकार अब तक जनपद में 72 हजार से अधिक लाभार्थी पंजीकृत किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जनपद में अब तक 1700 से अधिक लोग उपचार करा चुके हैं। 

डासना के चांद मोहम्मद का बदला गया कूल्हा
डासना निवासी 56 वर्षीय चांद मोहम्मद कूल्हे से परेशान थे। मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजर-बसर करने वाले चांद मोहम्मद के पास इतने पैसे नहीं थे कि प्राइवेट अस्पताल में जाकर कूल्हे का ऑपरेशन करा सकें। ऐसे में आयुष्मान भारत योजना चांद के लिए वरदान साबित हुई। मानव अस्पताल में उनका कूल्हा बदला गया। इस पर 90 हज़ार रुपये का खर्च आया अस्पताल ने उपचार करने के बाद चांद मोहम्मद को घर भेज दिया और सरकार से अस्पताल ने अपना भुगतान प्राप्त कर लिया। अब चांद मोहम्मद आराम से चल फिर रहे हैं।

वरुण ने एल्बो फ्रैक्चर होने पर कराया ऑपरेशन
विजयनगर के सेक्टर-9 में रहने वाले वरुण पुत्र सोमदत्त की बायीं कोहनी में फ़्रैक्चर हो गया था। उन्होंने निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया जहां कुल 30 हज़ार रुपये का बिल बना। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले वरुण के लिए यह रकम काफी बड़ी थी लेकिन आयुष्मान भारत योजना के चलते वरुण को एक पैसा भी नहीं देना पड़ा। विजयनगर निवासी 60 वर्षीय मुबारक अली को फैटी लीवर की तकलीफ थी। एक सप्ताह तक मुबारक अली को जिला एमएमजी अस्पताल में भर्ती रखकर उपचार किया गया। तमाम जांचें भी हुईं। हालत में सुधार होने पर अस्पताल से घर भेज दिया गया। उनका कहना है कि आयुष्मान भारत योजना के चलते उनका उपचार निशुल्क हो गया। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
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