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सागर में राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव उल्लासपूर्वक संपन्न

30/10/2019

सागर में राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव उल्लासपूर्वक संपन्न

राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव, 2019 के सागर खंड का समापन 17 अक्टूबर की शाम को विशेष कार्यक्रमों के संपन्न होने के साथ हो गया। कार्यक्रम में शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों का भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं से अनुभव कराया। सागर के पीटीसी मैदान, सिविल लाईंस में आयोजिक कार्यक्रम में सरोज वैद्यनाथन की भरतनाट्यम प्रस्तुति ने दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के कलाकारों ने गीत और नृत्य कार्यक्रमों के यादगार कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के स्थानीय कलाकारों ने मुख्य मंच पर ‘मिट्टी के लाल’ बैनर तले परंपरागत लोकनृत्य प्रस्तुत किया। मिट्टी के लाल को पहली बार दर्शकों की भरपूर प्रशंसा मिली। मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय संस्कृति मंच द्वारा उचित पहचान और सम्मान मिल रहा है। स्थानीय कलाकारों द्वारा गीत और नृत्यों की परंपरागत रूप में प्रस्तुति ने दर्शकों को स्थानीय लोकसंस्कृति, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जानने का अवसर दिया। भारतीय संस्कृति में वर्षो की पंरपरा करवाचौथ के अवसर पर दूसरे दिन की शुरुआत जबलपुर के प्रसिद्ध कथक नृर्तक निलांगी कलांथे की प्रस्तुति से हुई।
इसके बाद क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के 400 कलाकारों ने डॉ प्रसन्ना गोगोई की निर्देशन में समूह नृत्य का प्रदर्शन किया। इससे उत्तर प्रदेश का चरकुला, पश्चिम बंगाल का नटुआ, झारखंड के सरहुल, गोवा का गोफ, मणिपुर का माईबी जागोई, कश्मीर का बच्चा नगमा और तेलंगाना का मथुरी नृत्य शामिल थे। राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव निरंतर आम लोगों की प्रशंसा प्राप्त कर रहा है। समारोह में देश भर के हस्तशिल्प कलाकारों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर भी मिला। दूसरे दिन की प्रस्तुति का अंत ग्रैमी पुरस्कार विजेता विक्कू विनायक राम की शानदार प्रदर्शन और प्रसिद्ध डॉ. सतिन्दर सरताज की प्रसिद्ध पंजाबी सूफी संगीत प्रस्तुति से हुआ। सागर के इस कार्यक्रम से पहले जबलपुर में भी यह महोत्सव हो चुका है। अब बारी रीवा में महोत्सव की है।


 
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