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ब्रिटेन ने ब्रेक्सिट के बाद नई वैश्विक सीमा शुल्क व्यवस्था घोषित की

19/05/2020

राकेश सिंह

नई दिल्ली, 19 मई (हि.स.)। ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के बाद यूरोपीय संघ के सीमा शुल्क नियमों को बदलने के लिए मंगलवार को एक नई सीमा शुल्क व्यवस्था की घोषणा की। इसमें कारों पर 10% सीमा शुल्क को बनाए रखा गया है लेकिन दसियों अरब डॉलर के आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े सामान के आयात पर शुल्क को घटा दिया गया।

यूरोपीय संघ को दशकों तक अपनी व्यापार नीति तय करने का अधिकार देने के बाद अब ब्रिटेन दुनिया भर के देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है। उसका लक्ष्य तीन साल के भीतर 80% ब्रिटिश व्यापार को इसके दायरे में लाने के लिए समझौते करना है।

ब्रिटिश सरकार ने कहा कि यूके ग्लोबल टैरिफ (यूकेजीटी) नामक नई व्यवस्था यूरोपीय संघ के आम सीमा शुल्क की तुलना में सरल और सस्ती होगी। यह उन देशों पर लागू होगी जिनके साथ कोई समझौता नहीं है और 2% से नीचे के सभी शुल्कों को हटा दिया जाएगा।

ब्रिटेन की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सचिव लिज ट्रस ने कहा, "हमारी नई वैश्विक शुल्क व्यवस्था में लालफीताशाही और हजारों रोजमर्रा के उत्पादों की लागत को कम करके ब्रिटेन के उपभोक्ताओं और परिवारों को फायदा दिया जाएगा।"

यूकेजीटी को पाउंड में निर्धारित किया जाएगा। इसे वर्ष के आखिर में वैधानिक रूप दिया जाएगा और जनवरी 2021 से लागू होगा। सरकार ने कहा कि नई प्रणाली के तहत उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्कों को समाप्त कर दिया जाएगा। ब्रिटेन में 60% व्यापार डब्ल्यूटीओ की शर्तों पर या मौजूदा अधिमान्य पहुंच के माध्यम से सीमा शुल्क से मुक्त हो जाएगा।

कृषिऑटोमोटिव और मछली जैसे ब्रिटिश उद्योगों को समर्थन देने वाले कई उत्पादों पर  ब्रिटेन सीमा शुल्क को बनाए रखेगा। यह ब्रिटेन में आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिये आने वाले सामानों जैसे कि स्क्रू और बोल्ट पर 30 अरब पाउंड (37 अरब डॉलर) के आयात शुल्क को हटा देगा।

सरकार ने कहा कि यह उन उत्पादों पर भी शुल्क हटाएगा, जो थर्मोस्टेट और एलईडी लैंप जैसी ऊर्जा बचाने की तकनीक से जुड़े हैं। कोविड-19 प्रकोप से लड़ने के लिए उपयोग किए जा रहे निजी सुरक्षा उपकरणों जैसे उत्पादों पर एक अस्थायी शून्य शुल्क दर लागू की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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