निजाम के शासनकाल में तेलंगाना सामंती शोषण और उत्पीड़न से प्रभावित था : रेवंत रेड्डी
हैदराबाद के भारतीय संघ में विलय की तिथि को तेलंगाना की कांग्रेस पार्टी ने प्रजा पालना दिनोत्सव के रूप में मनाया हैदराबाद , 17 सितंबर (हि.स.)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि निज़ाम के शासनकाल के दौरान ग्रामीण तेलंगाना सामंती शोषण, बंधुआ म
हैदराबाद विलय दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते, रेवंथ रेड्डी


नामपल्ली पब्लिक गार्डन में समारोह को संबोधित करते मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी


हैदराबाद के भारतीय संघ में विलय की तिथि को तेलंगाना की कांग्रेस पार्टी ने प्रजा पालना दिनोत्सव के रूप में मनाया

हैदराबाद , 17 सितंबर (हि.स.)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि निज़ाम के शासनकाल के दौरान ग्रामीण तेलंगाना सामंती शोषण, बंधुआ मजदूरी और उत्पीड़न से प्रभावित था।

तेलंगाना सरकार ने गुरुवार काे नामपल्ली पब्लिक गार्डेन्स में अपना प्रजा पालना दिनोत्सवम कार्यक्रम किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली।

कार्यक्रम काे संबाेधित करते हुए मुख्यमंत्री रेड्डी ने निज़ाम शासन के अधीन हैदराबाद के इतिहास और भारतीय संघ में इसके विलय का कारण बनने वाली घटनाओं को याद किया। उन्हाेंने कहा कि निज़ाम के शासनकाल के दौरान हैदराबाद ने उद्योग, कृषि, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की थी और वैश्विक पहचान बनाई थी। साथ ही, उन्होंने कहा कि ग्रामीण तेलंगाना सामंती शोषण, बंधुआ मजदूरी और उत्पीड़न से प्रभावित था।

उन्होंने कहा कि निज़ाम शासन के सशस्त्र समर्थकों, रज़ाकारों द्वारा किए गए अत्याचारों ने अंतिम चरण में लोगों को घोर संकट और संघर्ष में धकेल दिया। उन्होंने आंध्र महासभा और हैदराबाद स्टेट कांग्रेस की उन आंदोलनों में भूमिका का भी ज़िक्र किया, जिनका उद्देश्य हैदराबाद को भारत का अभिन्न अंग बनाना था, जबकि कम्युनिस्टों ने रज़ाकारों के अत्याचारों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष आयोजित किया था।

विलय को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पहले उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने हैदराबाद के लोगों की आकांक्षाओं को समझा और 1948 में 'ऑपरेशन पोलो' के नाम से जानी जाने वाली सैन्य कार्रवाई शुरू की।

उन्होंने राज्य की विकास योजनाओं पर भी बात की और कहा कि सरकार दिसंबर में ' तेलंगाना ग्लोबल समिट-2026' के दौरान 'भारत फ्यूचर सिटी' का मास्टर प्लान पेश करेगी। उन्होंने बताया कि फ्यूचर सिटी में विशिष्ट क्षेत्र होंगे, जिनमें यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी, लाइफ साइंसेज हब, ईवी पार्क, एआई सिटी, हेल्थ सिटी और एजुकेशन सिटी शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर,1948 को भारतीय संघ में हैदराबाद रियासत के विलय को अलग अलग तरीके से याद किया जाता है। भाजपा इस दिन को निज़ाम शासन के अंत और रज़ाकार प्रतिरोध से जोड़ते हुए हैदराबाद मुक्ति दिवस कहती है। कांग्रेस इसे राजशाही से लोकतंत्र में परिवर्तन का प्रतीक मानते हुए प्रजा शासन दिवस कहती है। वहीं बीआरएस ने सत्ता में रहते हुए इसे राष्ट्रीय एकता दिवस कहा था।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj