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नानकसर कलेरां के बाबा लखा सिंह बोले-अस्पताल से जुड़े प्रशासनिक मामलों के कारण करनी पड़ी थी मुलाकातअमृतसर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। नानकसर कलेरां, जगराओं के बाबा लखा सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मुलाकात के मामले में श्री अकाल तख्त सचिवालय में लिखित स्पष्टीकरण और माफीनामा सौंपा है। उन्होंने स्वीकार किया कि श्री अकाल तख्त की ओर से जारी निर्देशों को देखते हुए उन्हें मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं करनी चाहिए थी और इसे अपनी गलती बताया।
यह मामला पंजाब सरकार के जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट, 2026 को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। श्री अकाल तख्त इस कानून के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति जता चुका है और व्यापक सहमति बनने तक इसके अमल को रोकने की बात भी कही गई है।
बाबा लखा सिंह ने कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज को दिए स्पष्टीकरण में कहा कि मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नानकसर संप्रदाय की ओर से संचालित एक अस्पताल से संबंधित कुछ प्रशासनिक मामलों को लेकर हुई थी। उनके अनुसार, संबंधित सरकारी अधिकारियों ने उन समस्याओं का समाधान अपने स्तर पर करने में असमर्थता जताई थी और मुख्यमंत्री से निर्देश लेने की सलाह दी थी। इसी कारण उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि वह हमेशा श्री अकाल तख्त के प्रति समर्पित रहे हैं और उसके आदेशों को पूरी श्रद्धा और विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं।
बाबा लखा सिंह ने उन रिपोर्टों का भी खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने पंजाब सरकार के बेअदबी संबंधी कानून की प्रशंसा की थी। उनका कहना है कि उन्होंने कानून के समर्थन में कोई बयान नहीं दिया और इस संबंध में प्रकाशित जानकारी सही नहीं थी।
श्री अकाल तख्त सचिवालय के प्रभारी बगीचा सिंह ने पुष्टि की कि बाबा लखा सिंह का स्पष्टीकरण और माफीनामा जत्थेदार को मिल गया है। उन्होंने बताया कि यह मामला पांच सिंह साहिबान की बैठक के समक्ष रखा जाएगा। बैठक में बाबा लखा सिंह के पक्ष पर विचार करने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH