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जोधपुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने स्वर्गीय भैरोंसिंह शेखावत को भारतीय राजनीति का ऐसा व्यक्तित्व बताया, जिन्होंने सामान्य परिवार में जन्म लेकर अपनी मेहनत, पुरुषार्थ, राजनीतिक सूझबूझ और आमजन से जुड़ाव के बल पर उपराष्ट्रपति भवन तक का सफर तय किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा कठिनाइयों और उतार-चढ़ाव से भरी थी, लेकिन भैरोंसिंह शेखावत ने अपने परिश्रम और राजनीतिक चातुर्य से इसे पूरा कर आदर्श प्रस्तुत किया।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत आज सुबह दिल्ली से जोधपुर पहुंचे। निवास स्थान आमजन से मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री शेखावत ने पूर्व उपराष्ट्रपति, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के सर्वकालिक दिग्गज नेताओं में से एक स्व. श्री भैरोंसिंह शेखावत (बाबोसा)की जयंती पर नमन किया।
रातानाडा स्थित बाबोसा की आदमदम प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनको श्रद्धा से याद किया। यहां पर सभी भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्व. श्री भैरोंसिंह जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प किया। कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल, पूर्व सांसद राजेंद्र गहलोत, सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी, शहर विधायक अतुल भंसाली, देहात अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह भाटी, पूर्व कुलपति प्रोफसर गुलाब सिंह चौहान, जोधपुर शहर महामंत्री प्रतिपाल सिंह वालेचा, ओमप्रकाश दहिया, गौरव जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि भारतीय जनता पार्टी, जोधपुर शहर के समस्त पदाधिकारी, जिला कार्यकारिणी सदस्य, मंडल एवं मंडल पदाधिकारी कार्यकारिणी सदस्य पार्षद , वरिष्ठ कार्यकर्त्ता मौजूद रहे।
यहां पूर्व उप राष्ट्रपति की 130वीं जयंती पर मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि राजस्थान ही नहीं, उत्तर भारत की राजनीति में महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचे अनेक नेताओं ने भैरोंसिंह शेखावत के सान्निध्य और अनुभवों से सीखकर अपनी राजनीतिक यात्रा आगे बढ़ाई। जनप्रतिनिधियों सहित अनेक लोगों ने उनके साथ काम करके और उनकी कार्यशैली को करीब से देखकर बहुत कुछ सीखा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि व्यक्ति कितना भी बड़ा पद हासिल कर ले, यदि वह अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है तो जीवनभर पुष्पित और पल्लवित होता रहता है। भैरोंसिंह शेखावत ऐसे ही राजनीतिक वटवृक्ष थे। उप राष्ट्रपति बनने के बाद भी उनका राजस्थान से गहरा जुड़ाव बना रहा। प्रदेश के गांवों, ढाणियों और पंचायतों तक उनके व्यक्तिगत संपर्क थे, जिन्हें उन्होंने ऊंचे पदों पर पहुंचने के बाद भी जीवंत रखा। उन्होंने भैरोंसिंह शेखावत को आधुनिक राजनीति का अजातशत्रु और लोकतांत्रिक व्यवस्था का आदर्श जनसेवक बताते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
शेखावत ने कहा कि भैरोंसिंह शेखावत ने अंत्योदय योजना के माध्यम से गरीबों और जरूरतमंदों के कल्याण की अनूठी पहल की। वर्ष 1977 में मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने मुफ्त अनाज और काम के बदले पारिश्रमिक जैसी व्यवस्थाओं को लागू करने और सफलतापूर्वक संचालित करने की दिशा में काम किया। उनके प्रयासों ने आदर्श प्रशासनिक व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में भैरोंसिंह शेखावत ने सभी समाजों के लिए संतुलित ढंग से काम करने की मिसाल भी पेश की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंचायती राज चुनावों में पार्टी के चुनाव चिह्न के आधार पर चुनाव कराने की व्यवस्था भैरोंसिंह शेखावत का महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय था। इससे राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के विस्तार का रास्ता सुगम हुआ और पार्टी गांवों, ढाणियों, मजरों तथा आदिवासी क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बनाने में सफल रही।
राजस्थान में पंचायती राज चुनावों के पहले चरण का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि लोगों का रुझान और उनकी भावनाएं भाजपा के पक्ष में मतदान के रूप में सामने आई हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि स्थानीय निकाय चुनावों में मिले समर्थन की पुनरावृत्ति पंचायती राज चुनावों में भी होगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान के 70 प्रतिशत से अधिक निकायों में भाजपा को समर्थन मिला है। पश्चिमी राजस्थान में 41 में से 36 स्थानों पर भाजपा के बोर्ड बने हैं। शेखावत ने इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए पंचायती राज चुनावों में भी पार्टी के पक्ष में इसी तरह के जनसमर्थन का भरोसा जताया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश