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चतरा, 5 अप्रैल (हि.स.)। नवरात्र में एक महिला निर्जला उपवास कर सीने में कलश स्थापित कर मां दुर्गा की आराधना कर रही है।
महिला के भक्ति भाव से पूरा गांव नतमस्तक है। महिला को देखने और पूजा अर्चना करने के लिए नावाडीह में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। नावाडीह निवासी सरस्वती देवी बासंतिक नवरात्र अपने घर में अनोखे अंदाज में कर रही हैं।
दिलचंद प्रसाद की धर्मपत्नी सरस्वती देवी अपने सीने में कलश स्थापित कर मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना कर रही हैं। अब तक वह निर्जला उपवास में है। उसके भक्ति भाव को देखकर नावाडीह, बाजो बार, इराक, बोगासाड़म सहित पत्थलगडा के कई अन्य गांवों के ग्रामीण भी उसके आवास पहुंच रहे हैं और सरस्वती का हौसला बढ़ा रहे हैं।
महिला के आराधना और प्रण की भावना से यहां भक्ति का माहौल है। लोग सुबह-शाम दिलचंद प्रसाद के आवास में पहुंचकर देवी के दर्शन कर रहे हैं। सरस्वती देवी अपने घर में माता दुर्गा, हनुमान सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित किए हुए हैं। सरस्वती ग्रेजुएट हैं और उसके तीन बच्चे दीपांकर, दीपिका और पम्मी कुमारी हैं।
सरस्वती ने बताया कि वह बचपन से ही धार्मिक विचार की रही हैं। माता के प्रति अटूट आस्था है। पूरे घर वाले मां की आराधना में उनका सहयोग कर रहे हैं। सीने में कलश स्थापित कर जौ को संचित कर रही है और अखंड दीप भी जलाया है। उसने बताया कि सोमवार को नव दिवसीय अनुष्ठान का विसर्जन किया जाएगा। समाजसेवी रामचंद्र दांगी ने बताया कि क्षेत्र में पहली बार नवरात्र में ऐसा अनुष्ठान देखने को मिल रहा है।
महिला का मां दुर्गा के प्रति अटूट आस्था है। इस भीषण गर्मी में भी महिला के हौसले बुलंद है और बड़े ही तन्मयता से माता की आराधना में लीन हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्र में लेटे हुए और बिना अन्न और जल ग्रहण किए हुए सरस्वती के मां के प्रति आस्था और विश्वास का सभी ग्रामीण कायल हो गये हैं। ग्रामीणों का यहां दिनभर आना जाना है। संध्या आरती में लोगों की भीड़ लग रही है। सरस्वती देवी ने बताया कि माता दुर्गा के प्रति अटूट आस्था और श्रद्धा उन्हें शक्ति प्रदान कर रही है। मन में इच्छा हो तो कोई भी अनुष्ठान सफल हो जाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेन्द्र तिवारी