पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा
पिता-पुत्र को आजीवन जेल की सजा
नाबालिक  अपहरण  के आरोपित युवक को 5 साल कैद , जेल


सुल्तानपुर, 5 अप्रैल (हि.स.)। घर में घुसकर युवती की गोली मारकर हत्या करने के मामले में शनिवार को एडीजे चतुर्थ एकता वर्मा ने आरोपित पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषियों पर कुल 80 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की सम्पूर्ण रकम पीड़ित परिवार को देने का आदेश भी दिया है।

अभियोजन पक्ष के एडीजीसी संजय सिंह अनुसार अमेठी जिले के गौरीगंज थाने के ग्राम नंदा का पुरवा मौजा बरना टीकर निवासी पार्वती सिंह का गांव के ही हरि प्रसाद से खेत की बुआई कराने को लेकर विवाद चल रहा था। 24 अक्टूबर 2010 की रात में आरोपी हरि प्रसाद व उसके पुत्र अखिलेश चौहान ने पार्वती सिंह के घर में घुसकर उनकी पुत्री सुषमा सिंह (22) की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

पुलिस ने पार्वती सिंह की तहरीर पर आरोपी हरि प्रसाद व अखिलेश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया । मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना को साबित करने के लिए छह गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया। बुधवार को कोर्ट ने आरोपी हरि प्रसाद व उसके पुत्र अखिलेश को दोषी मानते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था। जिनकी सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए दोषियों को जेल से तलब कर कोर्ट ने शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर जेल भेज दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्ता