जीवनशैली में बदलाव लाकर बचें फैटी लीवर से : डॉ शरीन
रांची, 5 अप्रैल (हि.स.)। स्वस्थ रांची स्वस्थ राष्ट्र के उददेश्य से रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की पहल और प्रख्यात लीवर रोग विशेषज्ञ डॉ शिव कुमार सरीन की उपस्थिति में आइएलबीएस और सदर अस्पताल रांची की ओर से फैटी लीवर मुक्त रांची अभियान का शुभारंभ केंद
फैटी लीवर पर आयोजित कार्यक्रम की फोटो


रांची, 5 अप्रैल (हि.स.)। स्वस्थ रांची स्वस्थ राष्ट्र के उददेश्य से रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की पहल और प्रख्यात लीवर रोग विशेषज्ञ डॉ शिव कुमार सरीन की उपस्थिति में आइएलबीएस और सदर अस्पताल रांची की ओर से फैटी लीवर मुक्त रांची अभियान का शुभारंभ केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सहित अन्य अतिथियों ने शनिवार को किया।

कार्यक्रम का आयोजन सदर अस्पताल परिसर सभागार में किया गया था। कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यशाला में सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, चिकित्सक, प्रखंड डेटा प्रबंधक, सहिया और अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए।

कार्यक्रम में संजय सेठ ने कहा कि रांची जिला को इस कार्यक्रम के तहत एक रोल मॉडल के रूप में फैटी लीवर मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें आम लोग और स्वास्थ्य कर्मी की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी गांवों में फैटी लीवर से संबंधित जांच के लिए अत्याधुनिक उपकरण से लैस चार बस उपलब्ध कराई जायेगी जो गांव-गांव जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेगी। उन्होंने बताया कि एक साल में लगभग 60 हजार लोगों की स्क्रींनिग करने का लक्ष्य है।

लीवर में फैट होने से शरीर को ज्यादा इंसुलिन की जरूरत

कार्यक्रम में डॉ शिव कुमार सरीन ने कहा कि भारत में तकरीबन 30 करोड़ लोग फैटी लीवर से पीड़ित है। उन्हाेंने बताया कि हर तीन में से एक व्यक्ति में फैटी लीवर पाया जाता है। फैटी लीवर अल्कोहलिक और नॉन अल्कोहलिक होता है। लीवर में फैट होने से शरीर को ज्यादा इंसुलिन की जरूरत होती है जो आगे चलकर मधुमेह का भी कारण बनता है। लीवर में फैट जमा होने से कई बीमारियां जिनमें उच्च

रक्तचाप, हदय रोग, मधुमेह, कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। फैटी लीवर होने का एक मुख्य कारण मोटापा भी है। डॉ शरीन ने कहा कि भारत 2021 में विश्व का पहला देश बना है जिसने फैटी लीवर को अपने राष्ट्रीय कार्यक्रम नॉन कम्युनिकेबल डिजिज में शामिल किया है। हम अपने जीवनशैली में बदलाव लाकर इसकी रोक थाम कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि खाने में मोटा अनाज, फल, सब्जी, दाल को शामिल करना चाहिए और जंक फुड को पूरी तरह से छोड़ देना बेहतर है। साथ ही शारीरिक व्यायाम और अन्य दैनिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या में शमिल करके हम स्वास्थ रह सकते हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों अपील करते हुए नशा छोड़ने और जंक फुड छोड़ने को कहा।

स्वस्थ और नियमित जीवनशैली से दूर होंगी बीमारियां

सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि मौजूदा समय में फैटी लीवर देशभर में एक ज्वलंत समस्या है। राज्य में भी लोग इससे पीड़त हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के तहत रांची जिला को फैटी लीवर मुक्त करते हुए रांची को देशभर में रोल मॉडल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।

डॉ प्रभात ने कहा कि देश को डायबिटीज कैपिटल ऑफ वर्ल्ड भी कहा जाता है। इन सभी बीमारियों को स्वस्थ और नियमित जीवनशैली अपना कर रोका जा सकता है।

डॉ बीबी रेवाड़ी (प्रोफेसर आईएलबीएस) ने कहा कि दूध वाली चाय को छोड़कर दिन में दो बार ब्लैक कॉफी का सेवन करने से फैटी लीवर की समस्या को रोका जा सकता है। कार्यक्रम में डॉ कनिका कौशल ने भी विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सदर अस्प‍ताल के उपाधीक्षक डॉ विमलेश और जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह सहित अन्य स्वास्‍थ्‍यकर्मी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak