फ्लाईओवर पर हादसों को स्थाई रूप से रोकने के लिए ठोस प्रस्ताव पेश करने के निर्देश
नैनीताल, 3 अप्रैल (हि.स.)। हाई कोर्ट ने देहरादून के बल्लीवाला, बल्लूपुर एवं आईएसबीटी फ्लाईओवर पर हादसों को स्थाई रूप से रोकने के लिए ठोस प्रस्ताव पेश करने के निर्देश सरकार को दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 अप्रैल की तिथि नियत की है
नैनीताल हाईकोर्ट।


नैनीताल, 3 अप्रैल (हि.स.)। हाई कोर्ट ने देहरादून के बल्लीवाला, बल्लूपुर एवं आईएसबीटी फ्लाईओवर पर हादसों को स्थाई रूप से रोकने के लिए ठोस प्रस्ताव पेश करने के निर्देश सरकार को दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 अप्रैल की तिथि नियत की है।

न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने पेश होकर हादसों का ब्यौरा पेश किया। पूर्व में बस सोसाइटी देहरादून की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हुई थी। इस दौरान कोर्ट के संज्ञान में आया कि 2015 में कोर्ट ने राज्य आंदोलनकारी रवींद्र जुगरान की जनहित याचिका में इस मामले में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए थे जिसके अनुपालन को लेकर सरकार से रिपोर्ट मांगी गई। कहा गया कि बल्लीवाला फ्लाई ओवर के लिए पहले चार लेन की योजना स्वीकृत थी जिसे घटाकर दो लेन कर दिया गया, योजना में कमी के कारण विभिन्न समय अंतराल पर कई दुर्घटनाएं हुई हैं, परिणामस्वरूप जानमाल की हानि हुई है, इस मामले में पुलिस को उचित कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए या उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करनी चाहिए। सरकार की ओर से बल्लीवाला, बल्लूपुर एवं आईएसबीटी फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सौ करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत की थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / लता