उत्तराखंड में पीएमजीएसवाई के तहत 814 किमी सड़कों का निर्माण
देहरादून, 03 अप्रैल (हि. स.)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में उत्तराखंड में 814 किमी लंबी सड़कों का निर्माण किया गया। केंद्र सरकार ने राज्य की प्रगति को देखते हुए पीएमजीएसवाई-3 के तहत स्वीकृत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।


देहरादून, 03 अप्रैल (हि. स.)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में उत्तराखंड में 814 किमी लंबी सड़कों का निर्माण किया गया। केंद्र सरकार ने राज्य की प्रगति को देखते हुए पीएमजीएसवाई-3 के तहत स्वीकृत 09 पुलों के निर्माण के लिए 40.77 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से राज्य की छोटी-छोटी बसावटों को सड़कों से जोड़ा जा रहा है। हाल ही में संपन्न वित्तीय वर्ष में विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। अब चौथे चरण में शेष बसावटों को बारहमासी सड़क से जोड़ने का लक्ष्य है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत उत्तराखंड राज्य में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 900 करोड़ के वित्तीय लक्ष्यों के सापेक्ष लगभग 933 करोड़ की धनराशि व्यय की गई है, जो विगत वर्ष 2023-24 में किये गये व्यय से 133 करोड़ अधिक है। इसी प्रकार भौतिक उपलब्धि में भी वित्तीय वर्ष 2024-25 में 814 किमी लम्बाई में मार्गों का निर्माण किया गया है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में 206 किमी अधिक है।

इधर, विभाग ने पीएमजीएसवाई-4 के तहत 1490 सड़क विहीन बसावटों को चिह्नित कर प्रथम चरण में लगभग 8500 किमी सड़कों निर्माण का सर्वे पूरा करते हुए, डीपीआर पर काम शुरू कर दिया है। विभाग ने कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जारी निर्देशों के अतिरिक्त एक विशेष निरीक्षण एप तैयार किया है। एप के माध्यम से फील्ड अधिकारियों द्वारा किये जाने वाले निरीक्षणों को नियमित रूप से अंकित किया जा रहा है, जिससे उच्चाधिकारियों द्वारा मार्गों की गुणवत्ता का अनुश्रवण करना सुलभ हो गया है।

केन्द्र सरकार स्तर पर भी इस पहल की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को इसे अपनाने को कहा है। विदित है कि सड़क विहीन गांवों के लिए केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2000 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना शुरु की गई थी। योजना के प्रथम तीन चरणों में न्यूनतम 500 की आबादी वाले गांवों को सड़कों से जोड़ने का काम करीब-करीब पूरा हो चुका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार