सुकमा: अति नक्सली प्रभावित क्षेत्र नुलक़ातोंग में पुलिस ने खोला नवीन सुरक्षा कैम्प
सुकमा, , 3 अप्रैल (हि.स.)।सुकमा जिले के कोंटा-गोलापल्ली मार्ग में ‘‘नुलक़ातोंग’’ में सुरक्षा बलों द्वारा नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किया गया है। छत्तीसगढ़़ शासन द्वारा ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के तहत सुरक्षा बलों ने कैम्प स्थापना किया है। कोंटा से गो
सुकमा: अति नक्सली प्रभावित क्षेत्र नुलक़ातोंग में पुलिस ने नवीन सुरक्षा कैम्प खोला


सुकमा, , 3 अप्रैल (हि.स.)।सुकमा जिले के कोंटा-गोलापल्ली मार्ग में ‘‘नुलक़ातोंग’’ में सुरक्षा बलों द्वारा नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किया गया है। छत्तीसगढ़़ शासन द्वारा ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के तहत सुरक्षा बलों ने कैम्प स्थापना किया है। कोंटा से गोलापल्ली, किस्टाराम को सीधा कनेक्ट करने के अहम है, बहुत जल्द कोन्टा से गोलापल्ली-किस्टाराम सीधे कनेक्ट होने से सफर की दूरी पहले से आधा घटकर 40 किमी हो जायेगी जिसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा। 12 मासी उपयोगी सड़क निर्माण कार्य मे गति लाने, विकासमूलक योजनाओं को जनता तक पहुंचाने एवं माओवादियों गतिविधियों को अकुंश लगाने के उद्देश्य से नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किया गया है। वर्ष 2024 से अबतक जिला सुकमा में सुरक्षा बलों द्वारा कुल 13 नवीन कैम्पों की स्थापना किया गया है।

एसपी किरण चव्हाण ने आज बताया कि छत्तीसगढ़ शासन से संचालित ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के तहत जिला सुकमा एवं आन्ध्रप्रदेश राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र कोंटा-गोलापल्ली मार्ग में नवीन सुरक्षा कैम्प ‘‘नुलक़ातोंग'’ 31 मार्च 2025 को स्थापित किया गया। नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र में माओवादियों के अन्तर्राज्यीय गतिविधियों पर अंकुश लगेगा व नक्सल विरोधी अभियान संचालन में तेजी आयेगी एवं आप-पास क्षेत्रों में निवासरत् ग्रामीणों को विकासात्मक कार्य एवं मूलभूत सुविधाएं जैसे कि सड़क, पुल, पुलिया निर्माण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधा, पीडीएस दुकाने, अच्छी शिक्षा, मोबाईल कनेक्टिविटी का विस्तार आदि की सुविधायें मिल पायेगा। नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के आम-जन उत्साहित है।

एसपी किरण चव्हाण ने जानकारी दी है कि वर्ष 2024 से अबतक जिला सुकमा में ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना अन्तर्गत कुल 13 नवीन सुरक्षा कैम्प टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, मुकराजकोण्डा, दुलेड़, पुलनपाड़, लखापाल, तुमालपाड़, रायगुडे़म, गोलाकोण्डा, गोमगुड़ा, मेटागुड़ेम, उसकावाया तथा नुलक़ातोंग में स्थापित किया गया है। लगातार नवीन कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव के कारण माओवादी विचारधारा को त्यागकर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के उद्देश्य से वर्ष 2024 से अब तक 376 माओवादियों के द्वारा आत्मसमर्पण किया गया है एवं विभिन्न नक्सल विरोधी अभियानों में 48 हार्डकोर माओवादियों को मार गिराने तथा 351 माओवादियों को गिरफ्तार करने मे सफलता अर्जित की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहन ठाकुर