विद्यालय और कक्षा से दूरी नहीं बनायें विद्यार्थी : मंत्री पटेल
भोपाल, 3 अप्रैल (हि.स.)। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल “स्कूल चले हम’’ अभियान के अंतर्गत तीसरे दिन गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला केरपानी में शाला उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बच्चों को प्रेरणादायी बातें बताई औ
“स्कूल चले हम’’ अभियान


भोपाल, 3 अप्रैल (हि.स.)। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल “स्कूल चले हम’’ अभियान के अंतर्गत तीसरे दिन गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला केरपानी में शाला उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बच्चों को प्रेरणादायी बातें बताई और उनका हौसला बढ़ाया।

मंत्री पटेल ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद कर उनके जीवन के लक्ष्य के बारे में जाना। उन्होंने कहा कि मन में कोई जिज्ञासा बचा कर नहीं रखें। सवाल पूछने की आदत अपने जीवन में शामिल करें। मंत्री पटेल व अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य- पुस्तकों का वितरण किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति नीलेश काकोड़िया व उपाध्यक्ष अनीता राजेन्द्र ठाकुर, पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर शीतला पटले, पुलिस अधीक्षक मृगाखी डेका, सीईओ जिला पंचायत दलीप कुमार सहित अन्य अधिकारी- कर्मचारी, विद्यार्थी, उनके माता- पिता, अभिभावक और ग्रामीणजन मौजूद थे।

मंत्री पटेल ने सभी नवप्रवेशी बच्चों को शुभकामनायें देते हुए कहा कि “स्कूल चलें हम’’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल को चुना। पहले यह छुट्टियों का समय हुआ करता था।

पटेल ने बताया कि विद्यालय में दर्ज संख्या के अनुसार कई कई विद्यार्थियों के नहीं आने का कारण भी जानकर इस पर विचार करना होगा। इस मामले में स्वयं को भाग्यशाली मानते हुए मंत्री पटेल ने अपने छात्र जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि उनके पिताजी ने हमेशा पढ़ाई और खेलों को बराबर महत्व दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी को कॅरियर काउंसलिंग के सत्र आयोजित करने के निर्देश भी दिये।

मंत्री पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि आप सभी संकल्प लें कि आप अपने जीवन को बेहतर बनाकर गांव व समाज का नाम रोशन करेंगे। हम नर्मदा तट पर रहने वाले लोग हैं। यहां न जाने कितने परिक्रमावासी प्रतिदिन यहां से गुजरते हैं। हम सिर्फ उनके भोजन व विश्राम की जरूरतें पूरी करते हैं। आप इन परिक्रमावासियों से जब भी मिलें, तो उनसे उनके जीवन के अनुभव और उनकी इस यात्रा के बारे में अवश्य जानें। उन्होंने अपने गुरू परमपूज्य श्रीश्री बाबा श्री के कथन रेखायें देशों की बीच हमने खीचीं हैं यह धरती एक ही है का भी जिक्र किया।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर