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बलरामपुर, 3 अप्रैल (हि.स.)। ग्रामोद्योग विभाग के सचिव व जिले के प्रभारी सचिव यशवंत कुमार ने बुधवार को जिला मुख्यालय के मिशन रोड स्थित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।
प्रभारी सचिव कुमार ने नशामुक्ति केंद्र में उपचार्थी से मुलाकात की और भर्ती सभी नशा पीड़ितों से व्यक्तिगत चर्चा कर नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के संबंध में बताया और कहा कि अपनी इच्छा शक्ति की सहायता सेे नशा को अवश्य छोड़े। नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है और उसके साथ परिवार के सदस्य भी परेशान होते है। उन्होंने कहा कि स्वयं में बदलाव की शुरुआत कर अन्य लोगों को भी नशा से मुक्त होने के लिए प्रेरित करें। कुमार ने नशा पीड़ितों का सकारात्मक दिशा में अपने सुनहरे भविष्य का निर्माण करने मनोबल भी बढ़ाया।
जिले के प्रभारी सचिव यशवंत कुमार ने नशा मुक्ति केंद्र में सभी व्यवस्थाओं शयन कक्ष, परामर्श, योगा, रसोई कक्ष का जायजा लिया। प्रभारी सचिव ने स्वयं रसोई कक्ष में पहुंच भोजन की गुणवत्ता को देखा।
नशा मुक्ति केंद्र के संचालक प्रभाकर ने बताया कि यह केंद्र अगस्त 2022 से संचालित है और इस केंद्र से अब तक लगभग 300 नशा पीड़ित ठीक होकर बेहतर जीवन व्यतीत कर रहे हैं। वर्तमान में 15 बिस्तरीय इस केंद्र में 9 लोग भर्ती है। जिनका समय-समय पर काउंसलिंग भी किया जाता है। साथ दैनिक दिनचर्या अनुसार विभिन्न गतिविधियां भी कराई जाती है। निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने नशा मुक्ति केंद्र में उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कर संधारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। साथ ही संबंधित अधिकारियों को केंद्र की सतत मॉनिटरिंग करने को कहा।
इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बलरामपुर आनंद राम नेताम, रामानुजगंज देवेन्द्र प्रधान, उप संचालक पंचायत स्टेला खलखो मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पाण्डेय